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उम्र कैद में बदल सकती है शबनम को मिली फांसी की सजा, राज्यपाल ने दिया दखल

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के निर्देश पर उनके विशेष सचिव बद्री नाथ सिंह ने ये मामला यूपी के कारागार विभाग के प्रमुख सचिव को सौंप दिया है. उन्होंने ये निर्देश दिए हैं कि इस मामले में नियमों के मुताबिक उचित निर्णय लिया जाए.

शबनम (फाइल फोटो) शबनम (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राज्यपाल के विशेष सचिव ने कारागार विभाग को सौंपा मामला
  • इलाहाबाद हाईकोर्ट की वकील सहर नकवी ने लगाई थी अर्जी

फांसी की सजा पाने वाली देश की पहली महिला बनने जा रही अमरोहा की शबनम (Shabnam) के मामले में नया मोड़ आ गया है. शबनम के मामले में अब राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दखल दिया है. शबनम को मिली फांसी की सजा (Sentence to death), उम्र कैद में बदल सकती है. सजा बदलने की मांग वाली अर्जी पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ये मामला यूपी सरकार को सौंप दिया है.

राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के निर्देश पर उनके विशेष सचिव बद्री नाथ सिंह ने ये मामला यूपी के कारागार विभाग के प्रमुख सचिव को सौंप दिया है. उन्होंने ये निर्देश दिए हैं कि इस मामले में नियमों के मुताबिक उचित निर्णय लिया जाए. इलाहाबाद हाईकोर्ट की महिला वकील सहर नकवी ने राज्यपाल के सामने ये अर्जी लगाई थी जिसपर राज्यपाल सचिवालय ने ये मामला कारागार विभाग के प्रमुख को भेजा है.

सहर नकवी ने राज्यपाल को भेजी अर्जी

सहर नकवी ने राज्यपाल को अर्जी भेजकर शबनम की फांसी की सजा को उम्र कैद में तब्दील किए जाने के लिए मांग की थी. सहर नकवी ने महिला होने के नाते फांसी की सजा बदलने की मांग की थी. इस अर्जी में कहा गया था कि देश में अब तक किसी भी महिला को फांसी की सजा नहीं दी गई है. अर्जी में ये दलील दी गई थी कि शबनम को फांसी दिए जाने से पूरी दुनिया में देश की छवि खराब होगी. शबनम के अपराध में सजा का तरीका बदला जा सकता है.

बेटे का हवाला देकर की गई मांग

शबनम के इकलौते बेटे 13 साल के ताज उर्फ बिट्टू का हवाला देकर भी सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग की गई है. अर्जी में कहा गया है कि शबनम को फांसी दिए जाने से उसके बेटे के भविष्य पर गलत असर पड़ेगा. इस दुनिया में बच्चे का कोई अपना नहीं है. बच्चे को जीवन भर ताना सुनना पड़ेगा. फांसी की वजह से सामाजिक परिस्थितियों के चलते बच्चे के मानसिक विकास और भविष्य पर खराब असर पड़ सकता है.

राज्यपाल को दी गई अर्जी में यह भी कहा गया कि मां के अपराध की सजा बच्चे को दिया जाना कत्तई न्याय संगत नहीं होगा. राज्यपाल सचिवालय ने एडवोकेट सहर नकवी की अर्जी को उचित कार्रवाई के निर्देश के साथ यूपी सरकार को भेज दिया है. राज्यपाल सचिवालय ने आदेश की कॉपी अर्जी दाखिल करने वाली इलाहाबाद हाईकोर्ट की महिला वकील सहर नकवी को भी भेजा है.

पुरानी नजीर के आधार पर होगी मजबूत पैरवी

सहर नकवी का दावा है कि प्रमुख सचिव के यहां अब तमाम दलीलों व पुरानी नजीरों के आधार पर मजबूत पैरवी की जाएगी. शबनम की फांसी की सजा को उम्र कैद में बदलवाने का प्रयास होगा. मानवीय आधार पर तमाम और कोशिशें की जाएंगी. माता-पिता, दो भाइयों और भाभी समेत परिवार के सात सदस्यों की हत्या के मामले में शबनम को दोषी ठहराया गया है.

 

प्रेमी से शादी के लिए शबनम ने किए थे सात कत्ल

अपने प्रेमी सलीम से शादी करने के लिए शबनम ने सात कत्ल किए थे. प्रेमी सलीम को भी फांसी की सजा मिली हुई है. शबनम का प्रेमी सलीम नैनी सेंट्रल जेल में बंद है. फांसी की सजा से बचने के लिए दोनों के पास बहुत कम रास्ते बचे हैं. अमरोहा का यह चर्चित बावन खेड़ी कांड अप्रैल 2008 में हुआ था. शबनम इन दिनों यूपी की बरेली जेल में बंद है. शबनम के लिए पैरवी करने वाली वकील सहर नकवी का दावा है कि वह सिर्फ महिला होने के नाते शबनम को फांसी के फंदे से बचाना चाहती हैं.

 

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वकील सहर नकवी ने कहा है कि शबनम के अपराध पर कोई सफाई नहीं पेश करनी है. सिर्फ उसकी फांसी की सजा को उम्र कैद में बदलवाने के लिए कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा है कि बच्चे के भविष्य का भी ध्यानन रखा जा रहा है.

 

 

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