पंजाब के लुधियाना में नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पुलिस ने बच्चों की तस्करी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच महिलाओं को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि इस गिरोह के सदस्यों ने 13 फरवरी को जन्मी बच्ची को 2.10 लाख रुपए में बेच दिया था.
एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस समीर वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार महिलाओं में बच्ची की मां, एक नर्स, एक डॉक्टर और खरीदार शामिल हैं. तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं. नवजात बच्ची को मोगा जिले के नांगल गांव के एक निःसंतान दंपति को बेचा गया था. डील 2.10 लाख रुपये में तय हुई. पेमेंट ऑनलाइन किया गया.
एक बिचौलिए की मदद से पूरी सौदेबाजी को अंजाम दिया गया. पुलिस की जांच में सामने आया कि बच्चों की तस्करी के इस गैंग का नेतृत्व डॉ. मनमीत कौर कर रही थी. बिक्री की पूरी साजिश लुधियाना के एक प्राइवेट नर्सिंग होम के जरिए रची गई. पुलिस का कहना है कि यह सुनियोजित तरीके से की गई अवैध डील थी.
बताया जा रहा है कि बच्ची का परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था. यही वजह है कि वो इस सौदे के लिए तैयार हो गए. बच्ची का पिता उत्तर प्रदेश का रहने वाला मजदूर है. उसकी पहले से चार बेटियां हैं. इसी पृष्ठभूमि में नवजात को बेचने की साजिश रची गई. पुलिस ने बच्ची को रेस्क्यू कर सुरक्षित कस्टडी में रख दिया है.
गिरफ्तार आरोपियों को सोमवार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया. पुलिस इस मामले में फरार आरोपियों की तलाश जारी है. इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि बच्चों की तस्करी से जुड़े अन्य पहलुओं का भी खुलासा हो सके. पुलिस को शक है कि इससे पहले भी कई नवजात बच्चों का सौदा हुआ है.