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भांजी का कटा पैर लेकर थाने पहुंचा बेबस मामा, बोला- साहब इंसाफ चाहिए!

बिहार के भोजपुर की यह घटना दिखाती है कि दहेज के लोभ में कोई इंसान किस हद तक जा सकता है. जब दहेज की डिमांड पूरी नहीं हुई तो ससुराल वालों ने विवाहिता की बेरहमी से जान ले ली.

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इंसाफ के लिए थाने पहुंचा मामा
इंसाफ के लिए थाने पहुंचा मामा
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बिहार के भोजपुर में विवाहिता की हत्या
  • दहेज के लिए ससुराल वालों ने ली जान

बिहार के भोजपुर में ऐसा मामला सामने आया है, जो आपको अंदर तक झकझोड़ कर रख देगा. दहेज के लिए एक विवाहिता बेटी को जलाने के बाद इंसाफ के लिए उसके घरवाले अपनी बच्ची का जला हुआ पैर का एक हिस्सा सबूत के तौर पर थाने लेकर पहुंचे. उन्होंने वहां मौजूद पुलिसवालों से गुहार लगाते हुए कहा कि उन्हें इंसाफ चाहिए. इसके बाद आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया.

हैरान कर देने वाला यह मामला आरा के मुफस्सिल थाने का है. इसी इलाके के बरौली गांव में दहेज की लालच में आरोपियों ने नवविवाहिता की पहले गला दबाकर हत्या कर दी और फिर सबूत मिटाने के लिए शव को जमीन में गाड़ दिया. इससे भी दिल नहीं भरा तो उन्होंने शव को जला दिया. मृतका के घरवालों को जब इसका पता चला तो वो मौके पर पहुंचे और मृतका के अधजले पैर में पहने बिछिये और पायल से उसकी पहचान की.

बड़े धूमधाम से की थी शादी
पूरा मामला कुछ इस तरह है. मुफस्सिल थाना के बभनगावां निवासी अखिलेश बिंद की बेटी ममता देवी की शादी मई 2021 में मुफस्सिल के ही बरौली गांव निवासी शत्रुघ्न बिंद के साथ हुई थी. ममता के माता-पिता गुजरात के राजकोट में मजदूरी करते थे, इसलिए ममता लंबे समय से बरौली गांव में ही अपने मामा के साथ रहती थी. मई 2021 में ममता के मामा बिगन बिंद ने बड़े धूमधाम से गांव के ही शत्रुघ्न बिंद के साथ भांजी की शादी की. 

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शादी के समय मायके पक्ष के लोगों ने शत्रुघ्न बिंद को दहेज के रूप में पैसे और अन्य सामान भी दिए. इसके बावजूद शत्रुघन शादी के बाद से ही ममता को एक लाख रुपये दहेज के रूप में मायके वालों से मांगने के लिए प्रताड़ित करता था. एक लाख रुपये नहीं मिलने की वजह से शत्रुघ्न ने अपने घरवालों के साथ मिलकर ममता की पहले हत्या कर दी. उसके शव को चांदी थाना के सारिपुर-विशुनपुर सोन नदी घाट के पास पहले बालू में गाड़ दिया. मन बदलने पर शव को बालू से निकालकर जला दिया और मौके से फरार हो गए.

बिछिया और पायल से हुई पहचान
हैरानी की बात यह है कि ममता की हत्या के बाद उसके शव को जलाने के लिए उसके ससुरालवालों ने एक सवारी गाड़ी को किराए पर लिया था. शव को बालू में गाड़ने के बाद गाड़ी का ड्राइवर गाड़ी लेकर लौट गया, लेकिन तब तक स्थानीय ग्रामीणों ने शक होने पर उसे पकड़ लिया. इस बीच पुलिस को भी खबर कर दी गई. इधर ससुरालवालों ने ममता के शव को बालू से निकाल जलाना शुरू कर दिया और मौका देख फरार हो गए.

ममता की हत्या कर देने और उसका शव सारिपुर सोन नदी घाट ले जाने की सूचना उसके मामा को मिली. वो मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक शव को जला दिया गया था. शव पूरी तरह नहीं जला था, जिसके बाद ममता का अधजला पैर देख और पैर में पहना हुआ बिछिया और पायल देख उसके मामा ने ममता की पहचान की.

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तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज
बुधवार को हुई इस घटना के बाद ममता का मामा इंसाफ के लिए ममता का अधजला पैर लेकर मुफस्सिल थाने पहुंचा, जहां पुलिस ने मृतका के मामा के बयान पर ममता के पति शत्रुघ्न बिंद और ससुर सहित ससुराल पक्ष के तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया. पुलिस ने सबूत के तौर पर लाए गए अधजले पैर को डीएनए टेस्ट के लिए पटना स्थित फॉरेंसिक लैब में भेज दिया है. 
फिलहाल मुफस्सिल थाने की पुलिस शव को गाड़ी में ले जानेवाले ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ करते हुए ममता के पति और ससुराल के अन्य लोगों की गिरफ्तारी में जुटी है. बेटी की मौत की खबर मिलते ही ममता के माता-पिता गुजरात से आरा आ रहे हैं.

इस मामले में शव के टुकड़े को पोस्टमॉर्टम कराने के लिए पहुंचे मुफ्फसिल थाना के एसआई से घटना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कैमरे पर बोलने से इंकार कर दिया. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी इस मामले में कैमरे पर बोलने से साफ मना कर रहे हैं.

 

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