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महाराष्ट्र: बीड में गैंगरेप पीड़िता को गांव छोड़ने का फरमान, पंचायत के आदेश पर बवाल

कुछ साल पहले महिला के साथ 4 लोगों ने गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया था. ये मामला बाद में कोर्ट पहुंचा, जिसमें कोर्ट ने चारों युवकों को उम्र कैद की सजा सुनाई. इसी घटना के बाद से गांव वाले महिला और उसके परिवार से खफा थे.

प्रतीकात्मक चित्र प्रतीकात्मक चित्र
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गैंगरेप पीड़िता और उसके पूरे परिवार को गांव छोड़ने का फरमान
  • पंचायत के आदेश पर बवाल, पुलिस ने शुरू की जांच

महाराष्ट्र के बीड जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर गैंगरेप पीड़िता और उसके पूरे परिवार को गांव छोड़ने का फरमान सुनाया है. महिला का आरोप है कि पंचायत द्वारा उसे गांव छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है. फिलहाल, शिकायत मिलने के बाद पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.

क्या है मामला?

दरअसल, ये पूरा मामला बीड जिले के पचेगांव का है. जहां कुछ साल पहले एक महिला के साथ 4 लोगों ने गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया था. ये मामला बाद में कोर्ट पहुंचा, जिसमें कोर्ट ने चारों युवकों को उम्र कैद की सजा सुनाई. इसी घटना के बाद से गांव वाले महिला और उसके परिवार से खफा थे. उन्होंने लगातार पीड़िता को परेशान करना शुरू कर दिया, यही नहीं इस दौरान महिला को मारने की कोशिश भी की गई. 

पंचायत ने सुनाया फरमान 

महिला ने आरोप लगाया कि गांव वाले उसे धमकी दे रहे हैं, साथ ही गांव छोड़ने को कहा जा रहा है. गांव से निर्वासित करने के लिए पंचायत में एक प्रस्ताव भी पारित किया गया. इतना ही नहीं, जब महिला शिकायत दर्ज कराने पुलिस के पास पहुंची तो, ग्रामीणों द्वारा एसपी ऑफिस में महिला के साथ बदसलूकी भी की गई.

गौरतलब है कि महिला और उसकी चार जवान बेटियां किसी तरह ग्रामीणों से बचकर एसपी ऑफिस पहुंचीं थीं. फिलहाल, यह घटना स्थानीय लोगों के रवैये पर गंभीर सवाल उठाती है. 

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हालांकि, जब इस पूरे मामले पर ग्राम पंचायत और पुलिस अधिकारियों से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो उन्होंने इस मसले पर बात करने से इनकार कर दिया. फिलहाल, शिकायत के आधार पर मामले की जांच जारी है. 

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