मणिपुर के इंफाल ईस्ट जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. प्रतिबंधित संगठन KCP (अपुनबा) के दो उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर उगाही की गतिविधियों में शामिल थे. पुलिस के मुताबिक, दोनों की गिरफ्तारी अलग-अलग इलाकों से की गई है. इस कार्रवाई के साथ ही सुरक्षा एजेंसियों ने राज्य में अपराध और उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ अभियान और तेज कर दिया है. साथ ही तेंगनौपाल जिले में भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए गए हैं.
पुलिस के अनुसार, पहला उग्रवादी मंगलवार को इंफाल ईस्ट के पुंडोंगबाम माखा लैकाई इलाके से गिरफ्तार किया गया. यह व्यक्ति प्रतिबंधित संगठन KCP (अपुनबा) का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है. जांच में सामने आया है कि यह आरोपी इलाके में लोगों से जबरन उगाही करने में शामिल था. सुरक्षा बलों को इसकी गतिविधियों की खुफिया जानकारी पहले से मिल रही थी. इसी आधार पर ऑपरेशन चलाकर उसे पकड़ा गया. गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है ताकि नेटवर्क के अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके.
उसी दिन सुरक्षा बलों ने दूसरे उग्रवादी को चाना मायाई लैकाई इलाके से उसके घर से गिरफ्तार किया. यह इलाका लामलाई पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है. पुलिस के मुताबिक, यह आरोपी भी उगाही और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल था. दोनों गिरफ्तार उग्रवादियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि इनकी गिरफ्तारी से इलाके में चल रहे उगाही के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है.
पुलिस ने बताया कि राज्य में खुफिया जानकारी के आधार पर लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन, सर्च ऑपरेशन और घेराबंदी अभियान चलाए जा रहे हैं. इन अभियानों का उद्देश्य उगाही, हथियारों की तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों को पकड़ना है. सुरक्षा बलों की टीमें संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं. पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में ऐसे ऑपरेशन और तेज किए जाएंगे ताकि कानून-व्यवस्था को पूरी तरह बहाल किया जा सके.
इसी बीच, तेंगनौपाल जिले के साइवोम रिज के जंगल इलाके में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली. यहां से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और IED बरामद किए गए. बरामद सामान में चार 9mm पिस्टल, 12 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), दो कॉम्बैट जैकेट, एक कैप और अन्य सामान शामिल हैं. सुरक्षा बलों ने मौके पर ही IED को निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया. इस बरामदगी को इलाके में सक्रिय उग्रवादी समूहों के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है.
गौरतलब है कि मणिपुर में पिछले दो वर्षों से सुरक्षा बल लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं. मई 2023 में शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद से राज्य में हालात काफी संवेदनशील बने हुए हैं. इस दौरान कई उग्रवादी संगठनों ने स्थिति का फायदा उठाकर अपनी गतिविधियां बढ़ा दी थीं. ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां लगातार अभियान चलाकर हालात को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही हैं.
मणिपुर में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच हुई हिंसा में अब तक 260 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग बेघर हो गए हैं. इस हिंसा ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है. हालांकि, सरकार और सुरक्षा बल हालात को सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं. उग्रवादियों की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी को इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. आने वाले समय में ऐसे ऑपरेशन और तेज होने की उम्मीद है.