झारखंड में फाइनेंस कंपनी की ओर से लोन की रिकवरी के लिए पहुंचे लोगों ने ट्रैक्टर से किसान की बेटी को कुचल दिया था. मृतक की मां की मांग है कि उसके हत्यारों को फांसी की सजा मिले. हजारीबाग के इचाक प्रखंड के सिझूवा में दिव्यांग मिथिलेश कुमार मेहता ने महिंद्रा फाइनेंस कंपनी से 2018 में ट्रैक्टर का लोन लिया था.
इसकी कुल 6 किस्तें बाकी थीं, जिन्हें भरने को लेकर दवाब बनाया जा रहा था. इसके बाद 11 सितंबर को मिथिलेश 1 लाख 20 हजार रुपए जमा करने के लिए गए थे। मगर, फाइनेंस कंपनी के मैनेजर ने 1 लाख 30 हजार रुपए की मांग करते हुए पैसा वापस कर दिया. इसके बाद 22 सितंबर को किस्त जमा करने की बात कहकर मिथिलेश वापस आ गए थे.
इसके बाद 15 सितंबर को मिथिलेश के घर फाइनेंस कंपनी की ओर से 4 लोग कार से पहुंचे और ट्रैक्टर ले जाने लगे. उसी दौरान रास्ते में मिथिलेश की बेटी मोनिका ने जब ट्रैक्टर को ले जाते देखा, तो वो उन लोगों को रोकने लगी और रास्ते में बैठ गई.
इस पर उन लोगों ने युवती पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया. आगे जा कर ट्रैक्टर खड़ा कर कार से भाग गए. हादसे के बाद मोनिका को अस्पताल ले जाया गया, जहां रांची में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी.
मां की एक ही मांग- हत्यारों को फांसी मिले
इस घटनाक्रम के बाद इचाक थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी. मामले में मृतका की मां का कहना है कि बेटी की हत्या करने वालों को फांसी की सजा मिले.
रिपोर्टः बिस्मय अलंकार