कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक महिला को गिरफ्तार किया है. आरोपी महिला कई हाई प्रोफाइल राजनेताओं से अपनी निकटता का हवाला देकर अमीर लोगों के साथ ठगी करती थी. इसके साथ ही बैंक जमा के बदले उच्च रिटर्न का वादा कर धोखा देती थी. उसकी पहचान ऐश्वर्या गौड़ा (33) के रूप में हुई है.
बेंगलुरु में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गठित एक विशेष अदालत ने आरोपी महिला को 14 दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया है. ईडी ने मामले के सिलसिले में 24-25 अप्रैल को कर्नाटक में 14 स्थानों पर तलाशी ली. इस दौरान कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी से जुड़े परिसरों की भी तलाशी ली गई.
कांग्रेस विधायक ने कहा कि जांच एजेंसी पिछले एक महीने से उन्हें परेशान कर रही है. उन्होंने कहा था, "किसी व्यक्ति को परेशान करने की एक सीमा होनी चाहिए. मुझे यह देखकर दुख होता है कि लोग अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर रहे हैं. वे मुझे राजनीतिक रूप से खत्म करना चाहते हैं, मुझे मेरे लोगों से अलग करना चाहते हैं."
यह पूछे जाने पर कि क्या ऐश्वर्या गौड़ा और उनके बीच कोई वित्तीय लेन-देन हुआ था, उन्होंने इनकार करते हुए कहा कि यदि ऐसा कोई लेन-देन हुआ है, तो उसका आसानी से पता लगाया जा सकता है. ईडी ने कहा कि ऐश्वर्या और उसके पति हरीश के एन के अलावा अन्य के खिलाफ कर्नाटक के विभिन्न पुलिस थानों में केस दर्ज हैं.
उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि ऐश्वर्या गौड़ा, उनके पति और अन्य ने कई व्यक्तियों से बैंक खातों के माध्यम से सोना और नकदी लेकर धोखा देने की आपराधिक साजिश रची. ईडी ने कहा, "आरोपी ने न तो पैसे लौटाए और न ही वादा किया गया रिटर्न दिया. उसने विभिन्न हाई-प्रोफाइल राजनेताओं से अपनी निकटता का दावा किया.''
ईडी का कहना है कि आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. तलाशी के दौरान धन शोधन गतिविधियों से संबंधित अपराधी दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और 2.25 करोड़ रुपए नकद जब्त किए गए हैं. विनय कुलकर्णी के खिलाफ ईडी की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध कहा था.
सिद्धारमैया ने शुक्रवार को चामराजनगर में कहा कि ईडी की छापेमारी प्रतिशोध की राजनीति का नतीजा है. भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार अक्सर ऐसी कार्रवाई का आदेश देती है. उन्होंने यह भी जानना चाहा कि जांच एजेंसी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं के स्वामित्व वाली संपत्तियों पर कभी छापेमारी क्यों नहीं करती है.
बताते चलें कि आरोपी ऐश्वर्या गौड़ा के टारगेट पर बड़े बिजनेसमैन, डॉक्टर और ज्वैलर्स रहते थे. वो उनके सामने खुद को अमीर दिखाने के लिए सेवेन स्टार होटल के लग्जरी सुइट का इस्तेमाल करती थी. उसके साथ लग्जरी कारों का काफिला चला करता था. उसके आगे-पीछे बॉडीगार्ड्स की फौज रहती थी. लोग उससे प्रभावित हो जाते थे.