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कोरोनाः ऑक्सीजन और दवाओं की कालाबाजारी जारी, ऑनलाइन ठगी के मामलों में इजाफा

कोरोना काल में लोग परेशान हैं. ना अस्पताल में बेड मिल रहे हैं, ना डॉक्टर. मरीज और उनके परिजन कभी ऑक्सीजन की तलाश में भटक रहे हैं, तो कभी रेमडेसिविर जैसे इंजेक्शन के लिए यहां से वहां चक्कर काट रहे हैं. ऐसे में कुछ शातिर लोगों ने इस आपदा को अवसर बना लिया है.

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देशभर से कालाबाजारी के मामले सामने आ रहे हैं देशभर से कालाबाजारी के मामले सामने आ रहे हैं
स्टोरी हाइलाइट्स
  • एंबुलेंस का ड्राइवर भी कर रहा था कालाबाजारी
  • ऊंचे दामों पर बेच रहा था ऑक्सीजन सिलेंडर
  • गर्लफ्रैंड के साथ मिलकर व्हॉट्सएप पर धोखाधंड़ी
  • रेमडेसिविर के नाम पर दिया एसीडिटी का इंजेक्शन

कोरोना पूरे देश में कोहराम मचा रहा है. हर राज्य में लोग परेशान हैं. ना अस्पताल में बेड मिल रहे हैं, ना डॉक्टर. मरीज और उनके परिजन कभी ऑक्सीजन की तलाश में भटक रहे हैं, तो कभी रेमडेसिविर जैसे इंजेक्शन के लिए यहां से वहां चक्कर काट रहे हैं. ऐसे में कुछ शातिर लोगों ने अपने लिए इस आपदा को अवसर बना लिया है. वे ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, रेमडेसिविर इंजेक्शन, दवाओं और कोरोना के इलाज से जुड़ी तमाम चीज़ों की कालाबाजारी में जुटे हुए हैं. यही नहीं अब तो ऑक्सीजन और दवा के नाम पर ऑनलाइन ठगी के भी कई मामले सामने आ रहे हैं. ऐसी खबरें देशभर से आ रही हैं. 

एंबुलेंस ड्राइवर समेत 2 गिरफ्तार 
साउथ दिल्ली पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. जिनमें एक एंबुलेंस ड्राइवर भी शामिल है. दोनों आरोपी एंबुलेंस के नाम पर ऑक्सीजन सिलेंडर भरवा कर उसे महंगे दामों पर जरूरतमंदों को बेच दिया करते थे. दरअसल, पुलिस को जानकारी मिली थी कि एक शख्स ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी कर रहा है. इसी सूचना के आधार पर दिल्ली पुलिस ने एमबी रोड से शंभू यादव और अनूप कुमार को गिरफ्तार कर लिया. शंभू एंबुलेंस ड्राइवर है, जबकि अनूप उसके साथ इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन के तौर पर रहता था.

ऑक्सीजन के नाम पर व्हॉट्सएप पर धोखाधड़ी
आउटर दिल्ली पुलिस ने पश्चिम विहार नार्थ थाना इलाके में एक लड़की समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. ये तीनों व्हॉट्सएप ग्रुप के जरिए ऑक्सीजन सिलेंडर दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी कर रहे थे. पकड़े गए आरोपियों की पहचान प्रियेश, पहगुन और याशिका के रूप में हुई है. ये तीनों कॉल सेंटर में काम करते हैं. 

पुलिस के मुताबिक कोरोना के पॉजिटिव मरीजों और उनके तीमारदारों को इस गैंग के लोग व्हॉट्सएप ग्रुप के जरिए ऑक्सीजन सिलेंडर दिलाने का झांसा देकर एडवांस पैसा मंगवा लेते थे और फिर अपने मोबाइल फोन बन्द कर लेते थे या पीड़ितों के फोन नंबर्स को ब्लॉक कर देते थे. पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी अपनी गर्लफ्रैंड के बैंक अकाउंट में धोखाधड़ी का पैसा जमा करवाता था. उस पैसे को तुरंत अकाउंट से निकाल लिया जाता था. इन लोगों ने धोखाधड़ी कर लड़की के अकाउंट में 3 लाख रुपये मंगवाए थे. पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है.

नारकोटिक्स सेल ने रेमडेसिविर के साथ 2 को पकड़ा
उत्तरी बाहरी दिल्ली जिले में नारकोटिक्स सेल की टीम ने 8 रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई एक गुप्त सूचना मिलने के बाद की गई. नारकोटिक्स सेल ने आरोपियों की पहचान अविचल अरोरा (30 वर्ष) और प्रदीप भारद्वाज (34 वर्ष) के रूप में की है. पहले अविचल अरोड़ा को एक स्कूटी समेत शाहबाद डेयरी इलाके से गिरफ्तार किया गया. जो बिना किसी रसीद या पर्ची के 2 रेमडेसिविर इंजेक्शन लेकर जा रहा था. अविचल अरोरा ने पुलिस को बताया कि उसने प्रदीप से ये इंजेक्शन 60,000 रुपये में खरीदे हैं. ये सौदा किसी पायल चौधरी ने कराया था. उसकी निशानदेही पर प्रदीप भारद्वाज को शालीमार बाग से गिरफ्तार किया गया.

प्रदीप के कब्जे से 6 रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद किए गए. पूछताछ में प्रदीप भारद्वाज ने खुलासा किया कि बरामद इंजेक्शन उसने खरखौदा, हरियाणा निवासी अमित पहलवान से खरीदे थे. पूछताछ में यह भी पता चला कि प्रदीप भारद्वाज और पायल चौधरी फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग के कोविड वार्ड में नर्स के रूप में काम कर रहे हैं. इस संबंध में शाहबाद डेयरी पुलिस थाने पर मामला दर्ज किया गया. जांच में शामिल होने के लिए पायल चौधरी को सीआरपीसी के तहत नोटिस जारी किया गया है. अमित पहलवान तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं.

अस्पताल में सप्लाई की आड़ में ऑक्सीजन चोरी
फरीदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच सेक्टर 17 की टीम ने ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी करने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया है. जिसकी पहचान बिजेन्द्र के रूप में हुई है. क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि बिजेंद्र  के पास काफी मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर मौजूद हैं. वो उनकी कालाबाजारी करता है. सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने ड्रग कंट्रोल इंस्पेक्टर के साथ मिलकर आरोपी के ठिकाने पर दबिश दी. जहां आरोपी की टाटा 407 गाड़ी से 42 ऑक्सीजन सिलेंडर और उसके घर से 8 सिलेंडर बरामद हुए. 

आरोपी बिजेंद्र के पास सिलेंडर सप्लाई का लाइसेंस भी नहीं है. वह अवैध रूप से यह काम करता था. आरोपी की टाटा 407 गाड़ी सहित 50 सिलेंडर जब्त कर लिए गए. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले प्राइवेट कम्पनी में सिलेंडर सप्लाई का काम करता था. लेकिन कोरोना के चलते वो प्राइवेट अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर सप्लाई करने लगा. वो फरीदाबाद की कई एजेंसियों से सिलेंडर भरवाकर आगे सप्लाई करता था. जब वो अस्पतालों के लिए सिलेंडर लेकर आता था तो उनमें से कुछ गैस निकाल लेता था और उसे जरूरतमंदों को महंगे दामों पर बेच देता था.

रेमडेसिविर के नाम पर दिया एसीडिटी का इंजेक्शन
महाराष्ट्र के नागपुर में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो मरीजों को रेमडेसिविर के नाम पर एसीडिटी का इंजेक्शन देता था. इस गिरोह का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक पुरुष नर्स समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. नागपुर के जामठा इलाके के कोविडालय अस्पताल में एक पुरुष नर्स दिनेश गायकवाड़ को अस्पताल प्रशासन ने तीन रेमडेसिविर इंजेक्शन दिए थे, जो आईसीयू में भर्ती एक मरीज को लगाए जाने थे. क्योंकि उसकी हालत गंभीर थी. लेकिन दिनेश गायकवाड़ ने वो तीनों इंजेक्शन अपने पास रख लिए और मरीज को एसीडिटी का इंजेक्शन लगा दिया. 
 
दिनेश गायकवाड़ अस्पताल के अन्य कर्मचारियों के साथ एक कमरे में रहता था. दो दिन बाद दिनेश के रूममेट शुभम पानतावणे ने उसके इंजेक्शन चुरा लिए और अपने दो अन्य साथियों के साथ उन्हें बेचने के लिए निकल गया. वो 35000 रुपये में एक इंजेक्शन बेच रहा था. तभी पुलिस ने उन तीनों को गिरफतार कर लिया. पूछताछ में शुभम ने पुलिस को सारी बात बता दी. इसके बाद पुलिस ने दिनेश गायतवाड़ को भी गिरफ्तार कर लिया. हालांकि वो मरीज ठीक होकर अस्पताल से चला गया, जिसके इंजेक्शन दिनेश ने चुराए थे.

आईसीयू बेड दिलवाने की आड़ में चीटिंग करने वाले गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने करोल बाग के रहने वाले इमरान अहमद नाम के जालसाज को गिरफ्तार किया है. ये शख्स कोविड मरीजों को आईसीयू में बेड दिलवाने के नाम पर 30 से 50 हज़ार रुपए तक की वसूली कर उनके साथ जालसाजी कर रहा था. दिल्ली की रोहिणी जिले के पुलिस ने ऐसे 11 पीड़ितों को ढूंढ निकाला जिनके साथ आईसीयू बेड के नाम पर जालसाजी की गई. 

(नागपुर से योगेश पांडे का इनपुट)

 

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