झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले का कोल्हान जंगल एक बार फिर गोलियों की आवाज से दहल उठा. टोंटो और गोईलकेरा थाना क्षेत्र की सीमा पर बुधवार तड़के सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जोरदार मुठभेड़ हुई. इस घटना में नक्सली मारा गया. पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही अलर्ट मोड में थीं, लेकिन ताजा मुठभेड़ ने साफ कर दिया है कि नक्सली अब भी सक्रिय हैं और जंगलों में खतरा बना हुआ है.
पश्चिम सिंहभूम के घने कोल्हान जंगलों में बुधवार सुबह अचानक गोलियों की गूंज सुनाई दी. यह मुठभेड़ टोंटो और गोईलकेरा थाना क्षेत्रों की सीमा पर हुई, जहां सुरक्षाबलों और नक्सलियों का आमना-सामना हो गया. जिले के एसपी अमित रेनू ने इस मुठभेड़ की आधिकारिक पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि सुरक्षा एजेंसियां पहले से इलाके में सक्रिय थीं और लगातार ऑपरेशन चला रही थीं. मुठभेड़ की खबर फैलते ही आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया.
जानकारी के अनुसार, कोबरा 209 बटालियन के जवान पिछले दो दिनों से बोरोई और तूनबेड़ा के जंगलों में सघन कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रहे थे. इसी दौरान बुधवार तड़के करीब 4:30 बजे टोंटो थाना क्षेत्र में अचानक नक्सलियों से उनका सामना हो गया. शुरुआत में दोनों ओर से हल्की फायरिंग हुई, लेकिन कुछ ही देर में यह मुठभेड़ तेज गोलीबारी में बदल गई. जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाल लिया.
सूत्रों के मुताबिक, यह मुठभेड़ रुक-रुक कर कई घंटों तक चलती रही और सुबह तक फायरिंग जारी रही. जंगल के घने इलाके और कठिन भूगोल के कारण ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण बना रहा. मुठभेड़ खत्म होने के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया. इस दौरान एक नक्सली के मारे जाने की खबर आई है.
हाल के घटनाक्रम इस मुठभेड़ को और ज्यादा गंभीर बना देते हैं. कुछ दिन पहले ही गोईलकेरा क्षेत्र में एक पूर्व नक्सली की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद से इलाके में तनाव बढ़ गया था. सुरक्षा एजेंसियों को पहले ही इनपुट मिल रहे थे कि नक्सली फिर से सक्रिय हो रहे हैं और अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में यह मुठभेड़ उसी गतिविधि का हिस्सा मानी जा रही है.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि माओवादी संगठन अभी भी क्षेत्र में सक्रिय है और कुख्यात नक्सली नेता मिसिर बेसरा के नेतृत्व में अपनी गतिविधियां चला रहा है. हालांकि सुरक्षाबल लगातार ऑपरेशन चलाकर नक्सलियों को कमजोर करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन ताजा मुठभेड़ से साफ है कि खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. जंगलों में अब भी सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच ‘आंख-मिचौली’ जारी है.
फिलहाल पूरे कोल्हान क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. सुरक्षाबलों को हर गतिविधि पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं और इलाके में अतिरिक्त फोर्स भी तैनात की गई है. स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. सुरक्षा एजेंसियां इस ऑपरेशन को निर्णायक बनाने की कोशिश में जुटी हैं, ताकि क्षेत्र में शांति बहाल की जा सके और नक्सलियों की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके.
(चाईबासा से जय कुमार तांती का इनपुट)