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महाराष्ट्रः भंडारा जिला अस्पताल में आग मामले में 2 नर्सों पर केस, 10 शिशुओं की हुई थी मौत

महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल में आग लगने की घटना के करीब एक महीना बाद दो नर्सों के खिलाफ आपराधिक लापरवाही के लिए प्राथमिकी दर्ज की गई है. 9 जनवरी 2021 को जिला अस्पताल में आग लगने की वजह से 10 नवजात बच्चों की मौत हो गई थी.

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भंडारा जिला अस्पताल में आग लगने 10 शिशुओं की हुई थी मौत (फोटो-PTI)
भंडारा जिला अस्पताल में आग लगने 10 शिशुओं की हुई थी मौत (फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • घटना में 10 शिशुओं की हुई थी मौत
  • दो नर्सों के खिलाफ लापरवाही का केस
  • मामले में डीजीपी की जांच जारी है

महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल में आग लगने की घटना के करीब एक महीना बाद दो नर्सों के खिलाफ आपराधिक लापरवाही को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है. 9 जनवरी 2021 को जिला अस्पताल में आग लगने की वजह से 10 नवजात बच्चों की मौत हो गई थी.

फिलहाल, इस मामले में भंडारा पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. शुभांगी सथावने (नर्स) और स्मिता अम्बिल्धुके (नर्स) के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. एफआईआर में भंडारा जिला अस्पताल में लगी आग और 10 शिशुओं की मौत मामले में इन्हें आपराधिक लापरवाही का जिम्मेदार ठहराया गया है. जांच के बाद ये मामला दर्ज किया गया है.
 
पिछले महीने महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल की एक स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट में आग लगने से दस शिशुओं की मौत हो गई थी. तड़के करीब 2 बजे आग लगी थी. इस यूनिट में 17 शिशु भर्ती थे जिनकी उम्र एक से तीन महीने के बीच थी. फायर ब्रिगेड सात बच्चों को बचाने में कामयाब रहा था. 
 
महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले में जांच के आदेश दिए थे. महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हेमंत नागराले की जांच जारी है.

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कमेटी की रिपोर्ट पर एक्शन

आग लगने के इस मामले में राज्य सरकार ने जांच कमेटी बनाई थी. कमेटी ने जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. कमेटी की रिपोर्ट पर कई मेडिकल अफसरों और नर्स पर कार्रवाई की गाज भी गिर चुकी है. सरकार ने भंडारा के सर्जन और नर्स समेत चार को निलंबित कर दिया है. भंडारा जिले के सर्जन डॉक्टर प्रमोद खंडाटे, मेडिकल अफसर डॉक्टर अर्चना मेश्राम, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुशील अंबाडे, नर्स ज्योति भारस्कर को निलंबित कर दिया गया था. अवर सर्जन डॉक्टर सुनीला बडे को ट्रांसफर कर दिया गया था. 

 

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