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जस्ट डायल ने 15 हजार में बेचा डेटा, फर्जी कॉल सेंटर ने कर डाली लाखों की ठगी

पुलिस जांच में सामने आया है कि बिना वेरिफिकेशन के कस्टमर्स का डेटा बेचा जा रहा है. पुलिस का कहना है कि डेटा प्रोवाइडर एजेंसियां बड़े गड़बड़झाले को अंजाम दे रही हैं. आरोप है कि ये एजेंसी चंद पैसों के लालच में हाई प्रोफाइल कस्टमर्स का डेटा फर्जी कॉल सेंटर संचालकों को बेच देती हैं.

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साइबर ठग डेटा प्रोवाइडर एजेंसियों से जानकारी जुटाकर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. साइबर ठग डेटा प्रोवाइडर एजेंसियों से जानकारी जुटाकर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं.

टेक्नोलॉजी के दौर में अब बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है. तमाम डेटा प्रोवाइडर एजेंसी चंद रुपयों में आपका कीमती डेटा बेच रही हैं. ये चर्चित एजेंसियां कुछ हजार कमाने के चक्कर में डेटा लीक करती हैं. ऐसा हम नहीं, बल्कि हरियाणा के गुरुग्राम की साइबर क्राइम पुलिस की जांच में सामने आया है. अब पुलिस 'जस्ट डायल' डेटा प्रोवाइडर एजेंसी को नोटिस जारी करने की तैयारी में है.

पुलिस जांच में सामने आया है कि बिना वेरिफिकेशन के कस्टमर्स का डेटा बेचा जा रहा है. पुलिस का कहना है कि डेटा प्रोवाइडर एजेंसियां बड़े गड़बड़झाले को अंजाम दे रही हैं. आरोप है कि ये एजेंसी चंद पैसों के लालच में हाई प्रोफाइल कस्टमर्स का डेटा फर्जी कॉल सेंटर संचालकों को बेच देती हैं. ऐसी तमाम एजेंसियों को पुलिस ने चेतावनी दी है. ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि क्या ऐसी तमाम डेटा प्रोवाइडर कंपनियों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करेगी.

डेटा मिला तो 150 लोगों के साथ ठगी की गई

जानकारी के मुताबिक, नामी गिरामी एजेंसियां कुछ हजार कमाने के चक्कर में जानकारी और मोबाइल नंबर्स लीक करती हैं. साइबर क्राइम पुलिस की जांच में सामने आया कि कैसे जस्ट डायल (एजेंसी का नाम एसीपी क्राइम ने अपने बयान में लिया है.) जैसी प्रतिष्टित एजेंसी ने सिर्फ 15 हजार रुपए में सैकड़ों हाई प्रोफाइल लोगों का डेटा बगैर किसी वेरिफिकेशन के फर्जी कॉल सेंटर्स संचालक को दे दिया. उसके बाद उस फर्जी कॉल सेंटर संचालक ने 150 लोगों के साथ इंश्योरेंस पॉलिसी के रिन्युअल के नाम पर लाखों को ठगी को अंजाम दे डाला.

ठगों को नाम से लेकर जन्मतिथि तक मिल जाती है

बताते चलें कि इन एजेंसियों का डेटा प्रोवाइड करने का ये सिस्टम हजारों या लाखों का नहीं, बल्कि करोड़ों के मुनाफे के सौदा है. जिसमें कस्टमर्स से जुड़ी तमाम जानकारी मसलन ईमेल से लेकर आपका नाम, एजुकेशन, आपका एड्रेस, आपकी लाइफ स्टाइल का तरीका जैसी महत्वपूर्ण और निजी जानकारियां शामिल होती हैं. 

बिना वेरिफिकेशन के बेचते हैं डेटा

ऐसे ही जानकारियों के माध्यम से फ्रॉड करने वाले लोग हर रोज सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बनाने में लगे हैं. गुरुग्राम में एसीपी क्राइम प्रीतपाल सिंह के मुताबिक, गुरुग्राम पुलिस सिर्फ जस्ट डायल को ही नहीं, बल्कि ऐसी तमाम एजेंसियों पर नजर रख रही है जो हजार या लाख के चक्कर में आम जनता से जुड़ी जानकारियों को बिना वेरिफिकेशन के बेचते आ रहे हैं.

फ्रॉड की जांच की तो सामने आया कॉल सेंटर का खेल

दरअसल, साइबर क्राइम वेस्ट पुलिस ने जब इंश्योरेंस रिन्युअल फ्रॉड की जांच शुरू की तो दिल्ली के शाहदरा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ. इसी फर्जी कॉल सेंटर के मास्टरमाइंड ने खुलासा किया कि कैसे मात्र कुछ हजार रुपयों में उसने डेटा प्रोवाइडर कंपनी से एजेंसी से डेटा खरीदा और सैकड़ों लोगों के साथ लाखों को ठगी को अंजाम दे डाला.

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