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कुल्हाड़ी, हथौड़ा और 3 मर्डर... दिल दहला देगी 61 साल के कातिल की खौफनाक कहानी

जमशेदपुर के एग्रिको इलाके में रिटायर्ड टाटा स्टील कर्मी रविंद्र सिंह ने पत्नी, बेटे और गर्भवती बेटी की हत्या कर दी. आरोपी ने खुद पुलिस को फोन कर वारदात कबूल की. मानसिक तनाव और परिवार की चिंता या कुछ और.. क्या है खूनी खेल की असली वजह. पढ़ें ये खौफनाक कहानी.

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पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है (फोटो-ITG)
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है (फोटो-ITG)

जमशेदपुर में एक जगह का नाम है एग्रिको. वहां टाटा स्टील में काम करने वाले एंप्लाइज़ रहते हैं. अनगिनत क्वार्टर वाला वो इलाका आम तौर पर शांत ही रहता है. लेकिन बीते सोमवार की सुबह उसी एग्रिको रोड नंबर 2 के क्वार्टर नंबर एल फाइव-13 में एक ऐसी वारदात हुई, जिसने सिर्फ एग्रिको ही नहीं बल्कि पूरे शहर को दहला दिया. उस वारदात को जानकर हर कोई हैरान था कि कोई शख्स ऐसा कैसे कर सकता है? 

दरअसल, वहां रहने वाले 61 साल के एक रिटायर्ड टिस्को कर्मी ने लोकल पुलिस को फोन किया और बताया कि उसने अपने पूरे परिवार की हत्या कर दी है. पुलिस चाहे तो आकर लाशें उठा ले जाए. ये सुनते ही पुलिस वालों के भी हाथ-पांव फूल गए.

तब तक यहां रहने वाले लोगों के फोन पर कोई रिस्पॉन्स ना मिलने पर रिश्तेदारों ने पड़ोसियों को इत्तिला दे दी और पड़ोसी मकान में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन जब पुलिस की एंट्री हुई, तो अंदर का मंजर देख कर मानों सबकी सांसें ही अटक गई. जहां घर के अंदर तीन-तीन लाशें पड़ी थीं. कत्ल के आरोपी रविंद्र सिंह की पत्नी सरिता सिंह की लाश, उनकी 31 साल की गर्भवती बेटी सुप्रिया सिंह और 28 साल के बेटे रविकेष की लाश.

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कातिल ने अपनी पत्नी को जहां किचन में ही मार डाला था, वहीं बेटी और बेटे की लाशें अलग-अलग कमरों में उनके बिस्तरों पर पड़ी थी. रविंद्र ने ना सिर्फ कत्ल की बात कबूल कर ली, बल्कि ये भी बताया कि उसने किस तरह से एक-एक कर कुल्हाड़ी और हथौड़े से तीनों की जान ली. कत्ल के वक्त बेटा और बेटी गहरी नींद में थे.

अब सवाल है कि आखिर परिवार के मुखिया ने ही अपने कुनबे को क्यों खत्म कर दिया? तो जवाब है दिमागी फितूर. असल में रविंद्र सिंह अक्सर इस बात से परेशान रहता था कि उसकी मौत के बाद उसके परिवार का ख्याल कौन रखेगा? और बस इसी सोच ने उससे ये कत्ल करवा दिया. 

खुद रविंद्र ने पुलिस की पूछताछ में ये बात बताई, जबकि उसके रिश्तेदारों ने बताया कि कुछ ऐसी ही सोच के चलते महज 2 महीने में उसका वजन 10 किलो कम हो चुका था और उसका इलाज भी चल रहा था. लेकिन ये सोच इतनी जानलेवा साबित होगी, ये किसी ने नहीं सोचा था.

फरवरी में रविंद्र टाटा स्टील से रिटायर हुए थे. तभी उसके स्वभाव में बदलाव आया. अब उसकी पड़ताल हो रही है. पुलिस आरोपी के तमाम मेडिकल रिकॉर्ड और डॉक्टरों के लिखे गए प्रिस्क्रिप्शन खंगाल रही है. हत्या में इस्तेमाल हथियारों पर मिले फिंगरप्रिंट्स और खून के धब्बों का मिलान आरोपी के बयानों से किया जा रहा है. 

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(जमशेदपुर से अनूप सिन्हा का इनपुट)

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