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मौत का खिलौना: पहले अवैध संबंध फिर लिव-इन पार्टनरशिप, पीछा छुड़ाने के लिए रची बारूदी साजिश

लतेश हनीमून मनाने की जगह सीधे अस्पताल पहुंच गया और वो भी इतनी बुरी हालत में कि अब उसकी तरफ देखना भी मुश्किल हो रहा है. वैसे अकेले लतेश ही नहीं, बल्कि उसका तीन साल का मासूम भतीजा भी उसके साथ इतनी बुरी तरह ज़ख़्मी हुआ है कि उनका पूरा का पूरा परिवार अब सकते में है.

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लतेश हनीमून मनाने की जगह सीधे अस्पताल पहुंच गया लतेश हनीमून मनाने की जगह सीधे अस्पताल पहुंच गया
स्टोरी हाइलाइट्स
  • निशाने पर था कोई, किसी को मिली सजा
  • टेडी बियर में प्लांट किया गया था बम
  • धमाके का शिकार बने मासूम समेत 2 लोग

शादियों में तोहफा देने के रिवाज़ बेहद पुराना है. मगर गुजरात में एक शख्स ने शादी के दौरान ऐसा तोहफा दिया कि तोहफा खोलने वाला अस्पताल पहुंच गया. जबकि तोहफा देने वाले को भी जेल जाना पड़ा. अब ये सवाल ये है कि आखिर उस तोहफे में ऐसा क्या था? और तोहफा भेजने वाले ने ऐसा तोहफा भेजा ही क्यों? इस पूरे मामले की जड़ में एक प्रेम कहानी थी. एक ऐसी प्रेम कहानी जिसमें वक्त के साथ प्रेम ने तो दम तोड़ दिया, बस कहानी बाकी रह गई.

गुरुवार, 12 मई
नवसारी के मिंढाबारी का रहनेवाला 28 साल का लतेश दूल्हा बनकर अपने ससुराल पहुंचा था. सात फेरे लिए थे और अब वो नई ज़िंदगी की शुरुआत कर रहा था. 

मंगलवार, 17 मई
शादी के पांच रोज़ बाद यानी मंगलवार, 17 मई को जब लतेश दुल्हन को लेकर अपने घर वापस आया और तो कहीं घूमने-फिरने यानी हनीमून मनाने की जगह सीधे अस्पताल पहुंच गया और वो भी इतनी बुरी हालत में कि अब उसकी तरफ देखना भी मुश्किल हो रहा है.

वैसे अकेले लतेश ही नहीं, बल्कि तीन साल का उसका नन्हा भतीजा भी उसके साथ इतनी बुरी तरह ज़ख़्मी हुआ है कि उनका पूरा का पूरा परिवार अब सकते में है. फिलहाल वो मासूम भी लतेश के साथ-साथ अस्पताल के बिस्तर पर ज़िंदगी और मौत के बीच झूल रहा है. लेकिन फिर सवाल ये है कि आख़िर नए-नए दूल्हा बने लतेश और उसके मासूम भतीजे के साथ ऐसा क्या हुआ कि उनकी इतनी बुरी हालत हुई? क्या उन पर किसी ने जानलेवा हमला किया? 

अगर हां, तो क्यों? और किसने? क्या लतेश की किसी से पुरानी दुश्मनी थी? एक नए-नवेले दूल्हे की ज़िंदगी में आख़िर वो कौन सा राज़ है, जो उसके इतनी बुरी तरह ज़ख्मी होकर अस्पताल पहुंचने की वजह बन गया? तो आइए इस कहानी का सच जानने के लिए थोड़ा पीछे लौटते हैं.

गुरुवार, 12 मई - गांव गंगपुर, नवसारी
उस रोज़ हरिशचंदर के घर बारात आई हुई थी. उसकी छोटी बेटी सलमा की शादी पास के ही गांव मिंढाबारी के रहने वाले भायकु भाई गावित के बेटे लतेश के साथ हो रही थी. सभी बहुत खुश थे. शादी हुई और हरिशचंदर ने अपनी बेटी सलमा को अपने नए-नए दामाद लतेश के साथ हंसी-खुशी विदा कर दिया. लतेश भी शादी के बाद बेहद ख़ुश था. इसके ठीक पांच रोज बाद एक अजीब वारदात हुई. लतेश अपने घर में बैठा-बैठा शादी में मिले गिफ़्ट्स को अनपैक कर रहा था. यानी खोल रहा था. इसी बीच उसकी नज़र एक ख़ूबसूरत डिब्बे में पैक एक इलेक्ट्रॉनिक टेडी बीयर पर पड़ी. टेडी बीयर काफ़ी दिलकश था. 

ऐसे हुआ धमाका
वहीं पास ही लतेश का तीन साल का भतीजा जियांस भी खड़ा था. ऐसे में लतेश ने टेडी-बियर ऑन कर उसे अपने भतीजे को देने का फ़ैसला किया और बस इसी इरादे से उसने जैसे ही टेडी बीयर का केबल प्लग में डाल कर स्विच ऑन किया, एक ज़ोरदार धमाके से सिर्फ़ और लतेश और उसके घर के लोग ही नहीं बल्कि पूरा का पूरा गांव हिल गया. धमाके की आवाज़ इतनी तेज़ थी कि क़रीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई पड़ी.

उधर, इस ज़ोरदार धमाके में लतेश और उसका मासूम भतीजा बुरी तरह ज़ख्मी हो गया. लतेश के पूरे जिस्म में खून ही खून था. बांया हाथ कलाई के पास से पूरी तरह उड़ चुका था, जबकि दोनों आंखें भी धमाके में ख़राब हो चुकी थी. मासूम को भी भी गंभीर चोटें आईं थीं. फौरन दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत अब भी नाज़ुक बनी है. जबकि धमाके वाली जगह यानी लतेश के घर की तमाम चीजें बिखर चुकी थीं. शीशे चकनाचूर हो चुके थे. 

खूनी साजिश
ज़ाहिर है महज़ किसी इलेक्ट्रॉनिक टेडी बियर में इतना ज़ोर का धमाका नहीं हो सकता था कि किसी की जान पर ही बन आए, पूरा घर बिखर जाए और धमाके की आवाज़ दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दे. यकीनन, ये बारूद से ही मुमकिन था. और अगर ये बारूद था तो यकीनन ये साज़िश थी और अगर साज़िश थी, तो सवाल है किसकी?

पुलिस ने दर्ज किया 307 का मामला
चूंकि मामला संगीन था तो मामले की ख़बर नवसारी पुलिस तक भी पहुंची. पुलिस ने आईपीसी की धारा 307 के तहत क़त्ल की कोशिश और एक्सप्लोसिव एक्ट की धारा 114 के तहत विस्फ़ोटक प्लांट करने के जुर्म में केस दर्ज कर लिया और जांच शुरू कर दी. छानबीन लतेश के ससुराल यानी उसकी दूल्हन सलमा के घर से ही हुई. पता किया जाने लगा कि आख़िर नवविवाहित जोड़े यानी लतेश और सलमा को ये ख़ूनी टेडी-बियर किसने गिफ़्ट में सौंपा और क्यों? 

छानबीन आगे बढ़ी तो पुलिस को एक आशा वर्कर आरती बेन के बारे में पता चला, जो ये टेडी-बियर लेकर शादी के रोज़ सलमा के घर पहुंची थी और उसने ये टेडी-बियर दूल्हन सलमा की बड़ी बहन जागृति बेन को सौंपा था. जिसे जागृति बेन ने अपनी बहन और उसके नए-नवेले दूल्हे के हवाले कर दिया. जब पांच रोज़ बाद दूल्हा ने अपने भतीजे के साथ मिल कर इसी टेडी-बियर को अनपैक किया, तो धमाका हो गया.

आशा वर्कर का टेडी बियर 
आशा वर्कर आरती बेन से ना तो दूल्हन सलमा या उसके घरवालों की कोई दुश्मनी थी और ना ही दूल्हे लतेश या उसके घरवालों की. ऐसे में सवाल ये था कि आख़िर वो बारूद वाला टेडी-बियर लेकर शादी के घर में क्यों पहुंची? क्या वो ये टेडी-बियर खुद लेकर पहुंची थी या फिर उसके हाथों किसी ने ये टेडी-बियर भिजवाया था? तो जब पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो एक ऐसा चेहरा सामने आया, जिसे देख कर हर कोई चौंक गया. ये चेहरा था राजेश पटेल का. 

राजेश पटेल निकला मास्टर माइंड
जी हां, उस राजेश पटेल, जो कभी दूल्हन सलमा की बड़ी बहन जागृति बेन का आशिक़ और लिव-इन पार्टनर हुआ करता था. जिससे राजेश और जागृति बेहन को एक छह साल की बेटी भी है. पर सवाल ये है कि आख़िर राजेश ने ये साज़िश क्यों रची? क्यों उसने ये बारुदी टेडी-बियर सलमा और जागृति के घर भेज कर उनकी जान लेने की कोशिश की? तो पुलिस ने जब राजेश को पकड़ा और उससे पूछताछ की, तो एक अलग ही कहानी निकल कर सामने आई.

अवैध संबंध से नफरत तक
तफ़्तीश में पता चला कि राजेश पटेल का दूल्हन सलमा की बड़ी बहन जागृति के साथ 2009 से ही प्रेम संबंध था. दोनों कई सालों तक एक-दूसरे के साथ लिव इन में भी रहे और उन्हें इस दौरान एक बेटी भी हुई, जिसकी उम्र फिलहाल 6 साल की है. और ऐसा तब है जब राजेश पहले से ही शादीशुदा है. और उसे सात साल की एक बेटी और 12 साल का एक बेटा भी है. मगर हकीकत यही है कि अब राजेश शादीशुदा होने के बावजूद अपनी आशिक़ी वाले इस रिश्ते को और आगे नहीं खींच पा रहा था और वो जागृति बेन से आज़ादी चाहता था. 

लिवइन पार्टनर के लिए रची थी साजिश
मगर सच्चाई ये थी कि जागृति इतनी आसानी से उसे छोड़ने को तैयार नहीं थी. ख़ास कर तब जब दोनों एक बेटी भी थी. ऐसे में राजेश ने अपनी ही बेटी और लिव इन पार्टनर जागृति की जान लेने के लिए ये पूरी साज़िश रची. उसने अपनी जानकार एक आशा वर्कर आरती बेन को धोखे में रख कर इस काम के लिए तैयार किया. उसे बारूद वाला टेडी-बियर सौंपा और उसे ख़ास तौर पर जागृति की बेटी अपनी ही बेटी के हाथों में सौंपने की बात कही. लेकिन ग़लती से आरती बेन ने टेडी-बियर जागृति की बेटी की जगह, जागृति के हाथों में थमा दिया और वापस चली आई. 

उधर, सलमा की शादी के बाद इसे नवविवाहित जोड़े के लिए आया गिफ़्ट समझ कर जागृति ने सलमा और उसके पति के हवाले कर दिया, जिसे लेकर लतेश अपने घर मिंढाबारी पहुंच गया और जैसे ही उसने ये गिफ़्ट खोला, उसमें धमाका हो गया. यानी मारना कोई किसी और को चाहता था और धमाके का शिकार कोई और हो गया.

ऐसा बनाया था बम
फिलहाल, हालत ये है कि धमाके में दूल्हे लतेश का एक हाथ तो ख़ैर कट ही गया है, उसकी दोनों आंखों की रौशनी भी हमेशा-हमेशा के लिए चली गई है. भतीजे की हालत भी ख़राब है. पुलिस ने क़त्ल की साज़िश रचने के जुर्म में राजेश पटेल और उसके दोस्त महेश पटेल को भी गिरफ़्तार कर लिया है. जिन्होंने इस साज़िश को लेकर जो कहानी सुनाई है, वो भी कम चौंकानेवाली नहीं है.

राजेश पटेल ने बताया कि उसने अपने साथी महेश से कुआं खोदने में काम आनेवाला विस्फोटक डेटोनेटर लिया था, जिसे टेडी-बियर के अंदर फिट कर धमाके की साज़िश रची थी. इस साज़िश में वो काफ़ी हद तक कामयाब भी रहा. टेडी-बियर में धमाका भी हुआ, लेकिन तक़दीर का खेल देखिए कि जिन्हें मारना था, वो मां-बेटी बच गई और जिनका इस दुश्मनी और रिश्ते से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं था, उनकी जान पर बन आई.

(नवसारी से रौनक जानी के साथ संजय कुमार सिंह का इनपुट)

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