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निर्भया के गुनहगारों को फांसी देने तिहाड़ पहुंचा पवन जल्लाद, पहले होगा डमी ट्रायल

निर्भया के गुनहगारों का अंत करीब है. उनके और मौत के बीच अब महज तीन दिन का फासला है. उन चारों को अंजाम तक पहुंचाने के लिए जल्लाद पवन मंगलवार को तिहाड़ जेल पहुंच गया.

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निर्भया के दोषियों को फांसी दिए जाने का इंतजार पवन जल्लाद को भी है (फोटो- यासिर इकबाल)
निर्भया के दोषियों को फांसी दिए जाने का इंतजार पवन जल्लाद को भी है (फोटो- यासिर इकबाल)

  • तिहाड़ की जेल नंबर 3 में होगी फांसी
  • कड़ी सुरक्षा के बीच हैं चारों दोषी

निर्भया के गुनहगारों का आखिरी वक्त करीब आ रहा है. अगर सब कुछ ठीक रहा तो उन चारों को तीन दिन बाद फांसी की सजा दी जाएगी. इस काम को अंजाम देने के लिए पवन जल्लाद मेरठ से दिल्ली आ गया है. वो तिहाड़ जेल पहुंच चुका है. बुधवार को फांसी का डमी ट्रायल भी किया जाएगा.

निर्भया के गुनहगारों का अंत करीब है. उनके और मौत के बीच अब महज तीन दिन का फासला है. उन चारों को अंजाम तक पहुंचाने के लिए देश का एकलौता जल्लाद पवन मंगलवार को तिहाड़ जेल पहुंच गया. उधर, दोषी अक्षय के अलावा बाकि तीन दोषियों विनय, पवन और मुकेश की परिवार से आख़िरी मुलाकात पहले ही हो चुकी है. जबकि अक्षय ने आखिरी मुलाकात पर अब तक कोई जवाब नहीं दिया है.

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पवन जल्लाद तिहाड़ जेल में पूरी तैयारी से आया है, ताकि चारों दोषियों को 20 मार्च की सुबह 5:30 बजे फांसी पर लटकाया जा सके. इससे पहले फांसी का डमी ट्रायल भी किया जाएगा. जेल प्रशासन ने जल्लाद को 3 दिन पहले आने के लिए पत्र लिखा था. वहीं चारों कैदी डिप्रेशन में हैं. वे खाना कम खा रहे हैं. चारों में से केवल एक अक्षय ठाकुर को ही उसके परिवार से मिलाया जाएगा. बाकी तीनों को नहीं क्योंकि इन तीनों ने अपनी-अपनी अंतिम मुलाकात पहले ही कर ली है.

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अधिकारी को कहना है कि फांसी देने के बाद जेल में रहते हुए इनके अकाउंट में जो भी पैसे जमा हुए हैं वह इनके परिवार को दे दिए जाएंगे. इसमें अक्षय ने सबसे ज्यादा काम किया है जबकि मुकेश ने जेल में रहकर कुछ काम नहीं किया है. पवन और विनय ने थोड़ा बहुत काम किया है. इनके अकाउंट में 10 से 12 हजार रुपये जमा होने का अनुमान है.

सूत्रों की मानें तो चारों को तिहाड़ की जेल नंबर 3 में फांसी पर लटकाया जाएगा चारों को किसी बाहरी शख्स से नहीं मिलने दिया जा रहा है और ना ही स्टाफ इन के करीब जा रहा है. जो भी लोग चाहे वह सिक्योरिटी में हो उन्हीं लोगों को इनके पास रखा गया है जो बहुत ज्यादा योग्य हैं. फांसी पर लटकाने से पहले चारों आरोपी से उनकी अंतिम इच्छा पूछी जाएगी और उसे पूरा भी किया जाएगा. यह सभी बातें डेजिग्नेटिड ऑफिसर के सामने होंगी. फांसी देने के बाद अस्पताल में उनके शवों का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा और उसके बाद परिजनों को शव हवाले कर दिया जाएगा

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