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बलिया गोलीकांड में बड़ा एक्शन, SDM और CO के बाद तीन एसआई समेत 10 पुलिसकर्मी निलंबित

बलिया के सनसनीखेज हत्याकांड के मामले में एडीजी के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने तीन सब इंस्पेक्टर, पांच कांस्टेबल और दो महिला कांस्टेबल सस्पेंड कर दिए. दस पुलिसवालों के खिलाफ निलम्बन की कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.

तनाव को देखते हुए दुर्जनपुर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है तनाव को देखते हुए दुर्जनपुर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पुलिसवालों पर गिरी बलिया कांड की गाज
  • 3 सब इंस्पेक्टर सस्पेंड किए गए
  • 7 पुलिस कांस्टेबल भी निलंबित
  • 2 महिला पुलिसकर्मी भी शामिल

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में हुए गोलीकांड की गाज पुलिस विभाग पर भी गिरी है. इस सनसनीखेज हत्याकांड के मामले में एडीजी के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने तीन सब इंस्पेक्टर, पांच कांस्टेबल और दो महिला कांस्टेबल सस्पेंड कर दिए. दस पुलिसवालों के खिलाफ निलम्बन की कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है. माना जा रहा है कि इस मामले में कई और पुलिसकर्मी भी नप सकते हैं. 

पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार घटना के समय मौके पर तैनात रेवती थाने के सब इंस्पेक्टर और हल्का इंचार्ज सूर्यकान्त पाण्डेय, एसआई सदानंद यादव, गोपालनगर के पुलिस चौकी के इंचार्ज कमला सिंह यादव, कां. रूपेश पाण्डेय, रिंकू सरोज, आनन्द चौहान, राम प्रसाद, महिला कां. प्रीति यादव और सोनल सिंह को निलम्बित कर दिया गया है.

इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक ने सीओ के हमराह सिपाही को भी सस्पेंड कर दिया है. इस मामले में मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसडीएम बैरिया और सीओ बैरिया को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है.

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आपको बताते चलें कि ये घटना बलिया के रेवती थाना क्षेत्र की है. जहां दुर्जनपुर गांव में हुए इस गोलीकांड का मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह उर्फ डब्ल्यू भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का नेता बताया जाता है. वहां कोटे की दुकान को लेकर खुली बैठक बुलाई गई थी. आरोप है कि धीरेंद्र और उसके समर्थकों ने वहां फायरिंग की. जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई. हालांकि, बीजेपी के जिलाध्यक्ष ने सफाई दी कि धीरेंद्र पार्टी में किसी पद पर नहीं है.

वाराणसी के एडीजी ब्रज भूषण शर्मा ने बलिया कांड पर जानकारी देते हुए बताया कि इस केस में 7 गिरफ्तारियां की गई हैं. जिसमें मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप के भाई नरेंद्र प्रताप और देवेंद्र प्रताप के अलावा पांच अज्ञात शख्स भी शामिल हैं.

इस मामले में अभी तक दो नामजद आरोपियों देवेंद्र प्रताप सिंह और नरेंद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया गया है. ये दोनों मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह के भाई हैं. बताया जाता है कि फरार मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह सेना का रिटायर्ड जवान है. वह भूतपूर्व सैनिक संगठन की बैरिया तहसील इकाई का अध्यक्ष भी है. धीरेंद्र को बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह का करीबी भी बताया जाता है. 

 

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