दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में स्थित मरकज में तबलीगी जमात के कार्यक्रम के बाद कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े थे. इस मरकज में विदेश से भी लोग जुड़े थे. कई राज्यों में तबलीगी जमात से जुड़े लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी. जिन राज्यों में जमात के लोग वापस गए वहां इनके संपर्क में आने से कई अन्य लोग भी इस संक्रमण के शिकार हो गए.
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रोहिंग्या और जमात के कनेक्शन पर गृह मंत्रालय की नजर
जमात ने राज्य और केंद्र की मुश्किल बढ़ा रखी है. इसी बीच गृह मंत्रालय ने हाल ही में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को चिट्ठी लिखकर निर्देश दिया था कि रोहिंग्या और तबलीगी जमात के बीच कनेक्शन की जांच की जाए. रोहिंग्या मुस्लिम और उनके परिचितों का भी कोविड-19 टेस्ट होना चाहिए.
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गृह मंत्रालय ने यह भी कहा था कि इसके संबंध में जरूरी कदम भी उठाए जाएं. तबलीगी जमात में कई विदेशी भी शामिल हैं, जो अभी भी छिपे हुए हैं. ऐसे में पुलिस जमातियों की तलाश कर रही है, कि कहीं सक्रमण तेजी से फैलने न पाए.
1890 विदेशियों के खिलाफ जारी है लुकआउट नोटिस
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने जमात के मौलाना मोहम्मद साद समेत कई लोगों पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया था. जमात में शामिल 1890 विदेशी नागरिकों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है. पुलिस का कहना है कि इन लोगों ने वीजा नियमों का उल्लंघन किया था और कार्यक्रम में शामिल हुए थे. पुलिस ने मरकज से 2300 से अधिक लोगों को बाहर निकाला था, जिनमें 500 से अधिक विदेशी थे.