RSS चीफ मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि सद्भावना समाज की सबसे जरूरी आवश्यकता होती है. समाज के अस्तित्व के लिए सद्भावना का होना अनिवार्य है. जब हम समाज की बात करते हैं तो उस समाज में सद्भावना का होना ही उसका सही मतलब होता है. यह सद्भावना विभिन्न वर्गों, धर्मों और विचारों के बीच एकता और सामंजस्य बनाती है.