कोरोना संक्रमण का एपीसेंटर बन चुके तबलीगी जमात के मरकज पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है. क्राइम ब्रांच को जांच के दौरान मरकज में हवाला से पैसे आने के सबूत मिले हैं. हवाला फंडिंग को लेकर 100 से ज्यादा लोगों से क्राइम ब्रांच ने पूछताछ भी की है.
वहीं, दिल्ली पुलिस ने जमात के अमीर मौलाना मोहम्मद साद समेत कई लोगों पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है. जमात में शामिल 1890 विदेशी नागरिकों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है. पुलिस का कहना है कि इन लोगों ने वीजा नियमों का उल्लंघन किया था और कार्यक्रम में शामिल हुए थे. पुलिस ने मरकज से 2300 से अधिक लोगों को बाहर निकाला था, जिनमें 500 से अधिक विदेशी थे.
कोरोना पर फुल कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
इसके अलावा मरकज से जुड़े 18 लोगों को क्राइम ब्रांच ने नोटिस जारी कर जांच से जुड़ने को कहा है. पुलिस की ओर से मौलाना साद समेत 18 लोगों को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया गया है. हालांकि, इसमें से 11 लोग खुद को क्वारनटीन बताकर पुलिस के सामने आने से बच रहे हैं. मौलाना साद ने भी खुद को क्वारनटीन बताया था. माना जा रहा है कि उसका आइसोलेशन पीरियड खत्म हो गया है और पुलिस कभी उसे गिरफ्तार कर सकती है.
7 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था केस
निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज का कोरोना कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस ने मौलाना साद समेत 7 लोगों पर मामला दर्ज किया था. महामारी एक्ट और आईपीसी की कई धाराओं में केस दर्ज किया गया था. जांच के बाद अब पुलिस ने इस मुकदमे में धारा 304 (गैर इरादतन) हत्या भी जोड़ दी है.