केंद्रीय गृह मंत्रालय के मामलों से संबंधित संसदीय समिति की 3 जून को होने वाली बैठक को रद्द कर दिया गया है. इस बैठक को मार्च के आखिरी हफ्ते में लॉकडाउन 1.0 की घोषणा के बाद से संसद का कामकाज शुरू होने का पहला संकेत माना जा रहा था.
गृह मंत्रालय की संसदीय स्थायी समिति को 3 जून को अपने सभी सदस्यों की उपस्थिति के साथ यह बैठक करनी थी. ये स्पष्ट किया गया था कि बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से नहीं होगी.
गृह मामलों के लिए स्थायी समिति के अध्यक्ष आनंद शर्मा ने यह बैठक बुलाई थी और समिति के सभी सदस्यों को बैठक की तारीख, समय, स्थल और एजेंडे के बारे में संदेश भेजे गए थे.
केंद्रीय गृह सचिव को कोरोना वायरस महामारी के चलते लॉकडाउन की वजह से उत्पन्न स्थिति पर समिति को जानकारी देनी थी. समिति को ये भी बताया जाता कि गृह मंत्रालय के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए.
लॉकडाउन के चार चरण तय करने के लिए अपनाई गई मेथेडोलॉजी पर मंत्रालय के अधिकारियों से समिति के सदस्यों की ओर से अनेक सवाल किए जाने की संभावना थी. गृह मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइंस और प्रतिबंधों में ढील को लेकर भी सवाल पूछे जा सकते थे.
यात्रा को लेकर सांसदों ने जताई असमर्थता
बैठक को संसद के कुछ सदस्यों की ओर से यात्रा में असमर्थता जताने पर स्थगित किया गया. इसके पीछे उन्होंने विभिन्न राज्यों में क्वारनटीन मानकों का हवाला दिया.
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दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारी- राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू और लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला सोमवार को मिले और अधिकारियों की ब्रीफिंग के बाद माना गया कि विभिन्न समितियों के अध्यक्षों के लिए बेहतर हो सकता है कि वे सदस्यों की उपस्थिति के बारे में आश्वस्त होने के बाद ही बैठकें बुलाएं.
3 जून की संसदीय समिति की बैठक को रद्द कर दिया गया क्योंकि यह आशंका थी कि बहुत कम सदस्य सांसद बैठक में भाग ले सकते हैं. दोनों सदनों के अधिकारियों ने पीठासीन अधिकारियों को बताया कि पिछले तीन वर्षों में राज्यसभा की आठ विभाग-संबंधी स्थायी समितियों की बैठकों में औसत उपस्थिति लगभग 45 प्रतिशत रही है. इसका मतलब है कि प्रत्येक समिति के 31 सदस्यों में से औसतन 14 ने बैठकों में भाग लिया.
राज्यसभा के सभापति नायडू ने उन 37 सदस्यों को शपथ दिलाना स्थगित कर दिया जो उच्च सदन के लिए निर्विरोध चुने गए हैं.
कुछ नवनिर्वाचित सदस्यों ने क्वारनटीन मानदंडों के मद्देनजर दिल्ली की यात्रा के लिए दिक्कतों के बारे में सभापति को अवगत कराया था.