scorecardresearch
 

Corona Third Wave: न संक्रमण की रफ्तार मद्धम, न मौतों का आंकड़ा हो रहा कम.. क्या Lockdown ही उपाय?

Coronavirus Lockdwon in India: देश में ओमिक्रॉन की वजह से कोरोना की रफ्तार बेकाबू होती जा रही है. संक्रमण के मामले लगातार बढ़ने लगे हैं और मौतों की संख्या में भी कमी नहीं आ रहा है. ज्यादातर राज्यों में अब पाबंदियां और सख्त कर दी गईं हैं.

दिल्ली समेत कई राज्यों में अब लॉकडाउन जैसी सख्ती लगनी शुरू हो गई है. (फाइल फोटो-PTI) दिल्ली समेत कई राज्यों में अब लॉकडाउन जैसी सख्ती लगनी शुरू हो गई है. (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ज्यादातर राज्यों में नाइट कर्फ्यू लागू
  • दिल्ली-राजस्थान में वीकेंड कर्फ्यू भी
  • तमिलनाडु में संडे कर्फ्यू लगाया गया

Coronavirus Lockdwon in India: देश में कोरोना के नए मामलों में तेजी आ गई है. ओमिक्रॉन की वजह से आई तीसरी लहर ने देश को फिर से पाबंदियों की ओर धकेल दिया है. ज्यादातर राज्यों में नाइट कर्फ्यू तो लगा ही था, लेकिन अब मरीजों के बढ़ने के साथ ही पाबंदियां भी बढ़ाईं जा रही हैं.

पिछले साल मार्च-अप्रैल में जब कोरोना की दूसरी लहर आई थी, तब केंद्र ने लॉकडाउन या पाबंदियां लगाने का फैसला राज्य सरकारों पर छोड़ दिया था. इस बार भी यही हो रहा है. हालांकि, ज्यादातर राज्य सरकारें कम्प्लीट लॉकडाउन लगाने के पक्ष में नहीं है, लेकिन अब देश धीरे-धीरे लॉकडाउन की ओर बढ़ रहा है. 

राज्यों में नाइट कर्फ्यू के अलावा अब वीकेंड कर्फ्यू और संडे लॉकडाउन जैसी पाबंदियां भी लगाई जा रहीं हैं. तमिलनाडु सरकार ने रविवार को कम्प्लीट लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया है. दिल्ली में वीकेंड कर्फ्यू जारी है ही. अब राजस्थान में भी संडे कर्फ्यू रहेगा. ज्यादातर राज्यों में वो सारी पाबंदियां लगनी शुरू हो गईं हैं जो लॉकडाउन के दौरान रहतीं हैं. 

ये भी पढ़ें-- Corona: क्यों भारत को कभी पता नहीं चल पाएगी Omicron से संक्रमितों की असल संख्या?

कम्प्लीट लॉकडाउन तो नहीं, लेकिन पाबंदियां लॉकडाउन से कम भी नहीं

- दिल्लीः  मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि पाबंदियां बढ़ सकती हैं लेकिन कम्प्लीट लॉकडाउन नहीं लगेगा. दिल्ली में लॉकडाउन नहीं है, लेकिन यहां लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लगा दी गई हैं. रेस्टोरेंट, बार, प्राइवेट ऑफिस बंद कर दिए गए हैं. बिना वजह लोगों के निकलने पर मनाही है.

- महाराष्ट्रः सीएम उद्धव ठाकरे ने राज्य में लॉकडाउन न लगाने की इच्छा जाहिर की है, लेकिन बढ़ते मामलों के चलते अब पाबंदियां सख्त हो गईं हैं. रात 11 से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू है. 15 फरवरी तक स्कूल बंद. सलून, मॉल, होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल में 50 फीसदी क्षमता ही अलाउ है.

- उत्तर प्रदेशः 16 जनवरी तक सभी स्कूल बंद रहेंगे. ऑनलाइन पढ़ाई होगी. नाइट कर्फ्यू का समय 2 घंटे बढ़ा दिया गया है. अब रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू रहेगा. इस दौरान जरूरी सेवाओं को छोड़कर और किसी को बाहर निकलने की इजाजत नहीं होगी.

- मध्य प्रदेशः रात 11 से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा. शादियों में सिर्फ 250 लोग आ सकेंगे. स्कूलों में 50 फीसदी छात्रों को अनुमति. अंतिम संस्कार में 50 लोग शामिल होंगे. बड़े मेलों पर रोक.

- हरियाणाः 19 जनवरी की सुबह 5 बजे तक पाबंदियां रहेंगी. रैलियां, विरोध प्रदर्शन और किसी भी तरह के जमावड़े पर रोक रहेगी. सिनेमा हॉल, थियेटर और मल्टीप्लेक्स बंद रहेंगे. मॉल और मार्केट शाम 6 बजे तक खुली रहेंगी.

- राजस्थानः 30 जनवरी तक 12वीं तक के स्कूल बंद रहेंगे. शनिवार रात 11 बजे से सोमवार सुबह 5 बजे तक संडे कर्फ्यू रहेगा. दुकानें और मॉल रात 8 बजे तक ही खुलेंगे. रेस्टोरेंट और क्लब 50 फीसदी क्षमता के साथ रात 10 बजे तक खोले जा सकेंगे.

- तमिलनाडुः कोरोना को रोकने के लिए लगाई गई पाबंदियों को 31 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है. 14 से 18 जनवरी तक धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं की एंट्री पर रोक लगा दी गई है. 16 जनवरी यानी रविवार को तमिलनाडु में कम्प्लीट लॉकडाउन रहेगा.

- केरलः स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने राज्य में कम्प्लीट लॉकडाउन लगाने की बात नकार दी है. उनका कहना है कि लॉकडाउन लगाकर लोगों को परेशान नहीं करना है. हालांकि, उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है.

- अरुणाचल प्रदेशः कोरोना को लेकर लगी पाबंदियां और नाइट कर्फ्यू 31 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है. 31 जनवरी तक रात 9 से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू रहेगा. सभी स्कूल भी बंद रहेंगे. यूनिवर्सिटी और कॉलेज में 50 फीसदी छात्र आएंगे.

- आंध्र प्रदेशः मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने कोविड कर्फ्यू को 18 जनवरी तक बढ़ाने का आदेश दिया है. इस दौरान रात 11 से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू रहेगा.

- मेघालयः मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा का कहना है कि अगर कोरोना के मामलों में कमी नहीं आती है तो लॉकडाउन लगा दिया गया जाएगा. उनका कहना है कि लॉकडाउन को लेकर अभी कोई फैसला नहीं है लेकिन लोग नहीं मानते हैं तो लॉकडाउन लगाना पड़ेगा.

ये भी पढ़ें-- Omicron: भारत में कब थमेगा कोरोना का कहर? बढ़ते मामलों के बीच आई राहत की खबर

क्या लॉकडाउन ही है उपाय

- दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ब्रिटेन में पहले से ही लॉकडाउन लगा हुआ है. चीन ने भी शियान, तियांजीन और आन्यांग में कम्प्लीट लॉकडाउन लगा दिया है. तो क्या अब भारत में भी लॉकडाउन लग सकता है?

- अभी तक ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है जिससे साबित हो कि लॉकडाउन कोरोना को रोकने में कारगर रहा है. हां इतना जरूर है कि इससे संक्रमण की रफ्तार धीमी हो जाती है और सरकारों को हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने का समय मिल जाता है.

- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का भी कहना है कि लॉकडाउन से कोरोना की ररफ्तार तो धीमी हो जाती है लेकिन इसका समाज और लोगों पर नकारात्मक असर पड़ता है. 

- साउथ अफ्रीका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (CDC) के डायरेक्टर जॉन निकेंगसॉन्ग का कहना है कि कोरोना का रोकने के लिए कम्प्लीट लॉकडाउन कारगर उपाय नहीं है. उन्होंने बताया कि नवंबर के आखिरी में अफ्रीका में केस तेजी से बढ़े थे और थोड़े ही समय में कम भी होने लगे. लेकिन पहले की तरह इस बार कम्प्लीट लॉकडाउन नहीं लगाया गया.

लेकिन भारत में नहीं थम रही कोरोना की रफ्तार

- भारत में कोरोना के मामलों में 28 दिसंबर से तेजी आनी शुरू हो गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, मंगलवार को 1.94 लाख नए केस सामने आए हैं, जो सोमवार की तुलना में 16% ज्यादा है. इतना ही नहीं, मौतों की संख्या भी कम नहीं हो रही है. मंगलवार को देश में 442 मरीजों की मौत हो गई. सोमवार को 277 लोगों की मौत हुई थी.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें
ऐप में खोलें×