scorecardresearch
 

Corona: Omicron पर Vaccine असरदार है या नहीं? क्या Booster Dose ही है रास्ता? जानें सबकुछ

Vaccine Effectiveness Against Omicron: दुनियाभर में कोरोना का नया ओमिक्रॉन वैरिएंट तेजी से फैल रहा है. भारत समेत कई देशों में कोरोना के मामलों में तेजी आ गई है. ऐसे में वैक्सीन के असर को लेकर भी बहस छिड़ गई है. वैज्ञानिकों का मानना है कि ओमिक्रॉन के लिए बूस्टर डोज जरूरी है.

X
कई स्टडी में मौजूदा वैक्सीन ओमिक्रॉन पर असरदार साबित नहीं हुई हैं. (फाइल फोटो-AP/PTI) कई स्टडी में मौजूदा वैक्सीन ओमिक्रॉन पर असरदार साबित नहीं हुई हैं. (फाइल फोटो-AP/PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • वैक्सीन की दोनों डोज के बाद भी हो रहा संक्रमण
  • ओमिक्रॉन पर मौजूदा वैक्सीन असरदार नहीं: स्टडी

Vaccine Effectiveness Against Omicron: दुनियाभर में कोरोना के मामलों में अचानक से तेजी आई है. नई लहर के लिए वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को सबसे बड़ी वजह बताया जा रहा है. 

सबसे पहले पिछले साल नवंबर में कोरोना का नया वैरिएंट B.1.1529 दक्षिण अफ्रीका में मिला था. इसे ही 'Omicron' नाम दिया गया है. अब तक ये दुनियाभर के लगभग सभी देशों में पहुंच गया है. ओमिक्रॉन के चलते अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय देशों में रिकॉर्ड संख्या में मामले सामने आ रहे थे. अब भारत में भी इस वैरिएंट का असर दिखने लगा है. भारत में एक दिन के अंदर कोरोना के मामलों की संख्या दो लाख के नजदीक पहुंच गई है.

भारत समेत दुनियाभर में ये स्थिति तब हो रही है जब तेजी से कोरोना वैक्सीनेशन (Corona Vaccination) भी जारी है. अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में ज्यादा आबादी वैक्सीनेट हो चुकी है. भारत में ही 18 से ऊपर की 90 फीसदी से ज्यादा आबादी को वैक्सीन की एक डोज लग चुकी है. अब जो लोग संक्रमित मिल रहे हैं, उनमें से कई ऐसे हैं जिन्हें वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है. ऐसे में सवाल उठता है कि अभी जो वैक्सीन है, उनका ओमिक्रॉन पर असर नहीं होता?

वैक्सीन के असर को लेकर पिछले साल दिसंबर में राज्यसभा में जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया (Mansukh Mandaviya) ने बताया था कि 'ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे ये साबित हो कि मौजूदा वैक्सीन ओमिक्रॉन पर असर नहीं करती.' 

ये भी पढ़ें-- Omicron Peak in India: भारत में कब आएगा कोरोना का पीक? कितनी होंगी मौतें, क्या बिगड़ेंगे हालात? US के हेल्थ एक्सपर्ट ने बताया

ओमिक्रॉन पर कितनी असरदार मौजूदा वैक्सीन?

- कुछ स्टडी में सामने आया है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट पर मौजूदा वैक्सीन असरदार नहीं है. एक स्टडी बताती है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के मौजूदा वैक्सीन से बच निकलने की 88 फीसदी संभावना है. 

- अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (CDC) का कहना है कि मौजूदा वैक्सीन ओमिक्रॉन से होने वाली गंभीर बीमारी और मौतों से बचाती है. हालांकि, ओमिक्रॉन से ब्रेकथ्रू इन्फेक्शन (वैक्सीनेटेड के बाद भी संक्रमित हो जाना) का खतरा बढ़ गया है.

- हाल ही में यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी ने एक स्टडी की थी. इसमें बताया था कि मौजूदा वैक्सीन की दो डोज ओमिक्रॉन पर असरदार नहीं है. डेल्टा के मुकाबले ओमिक्रॉन पर मौजूदा वैक्सीन कम असरदार है. 

- इसी तरह जर्मन सेंटर फॉर इन्फेक्शन रिसर्च की स्टडी में भी सामने आया था कि फाइजर/बायोएनटेक, मॉडर्ना और ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजैनेका की वैक्सीन ले चुके लोगों में ओमिक्रॉन के खिलाफ कम एंटीबॉडी थी.

-  साउथ अफ्रीका में हुई अफ्रीका हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिसर्च में सामने आया था कि फाइजर की दोनों डोज के बाद भी ओमिक्रॉन के खिलाफ एंटीबॉडी में 41 गुना की कमी आई थी.

तो अब क्या है रास्ता?

- कोरोना महामारी को लेकर पहले से ही कई वैज्ञानिक वैक्सीन को अपडेट करने की बात कहते आ रहे हैं. अब ओमिक्रॉन को लेकर दुनियाभर से वैक्सीन की इफेक्टिविनेस को लेकर स्टडी में जो बातें सामने आ रहीं हैं, उसके बाद वैक्सीन को अपडेट करने की तैयारी भी चल रही है.

- अमेरिकी कंपनी Novavax ने बताया था कि वो ओमिक्रॉन के खिलाफ एक नई वैक्सीन पर काम कर रही है. कंपनी का कहना था कि वो एक ऐसा स्पाइक प्रोटीन बना रही है जो नए वैरिएंट के खिलाफ इम्युनिटी बढ़ाएगा.

- इसके अलावा जर्मन कंपनी BioNTech और Johnson & Johnson ने भी हाल ही में कहा था कि वो अपनी वैक्सीन की इफेक्टिवनेस को ओमिक्रॉन पर टेस्ट कर रही है. कई कंपनियों का कहना है कि मार्च 2022 तक वैक्सीन को अपडेट कर लिया जाएगा.

- Pfizer का कहना है कि उनकी कंपनी 100 दिनों में ओमिक्रॉन कै खिलाफ वैक्सीन तैयार कर लेगी. Moderna के चीफ मेडिकल ऑफिस डॉ. पॉल बर्टन ने कहा था कि ओमिक्रॉन के खिलाफ वैक्सीन बनाने में 3 महीने का वक्त लगेगा.

ये भी पढ़ें-- Omicron symptoms: ओमिक्रॉन का ये लक्षण सबसे पहले आता है नजर, वैक्सीन लगवा चुके लोगों में भी दिख रहा यही संकेत

क्या बूस्टर से बचा जा सकता है?

- ओमिक्रॉन ने दुनियाभर में Booster Dose को लेकर भी बहस छेड़ दी है. अमेरिका, ब्रिटेन और अब तो भारत में भी लोगों को तीसरी डोज लगाई जा रही है. एक्सपर्ट का मानना है कि वैक्सीन से इम्युनिटी कुछ महीनों बाद कम हो जाती है, इसलिए बूस्टर डोज जरूरी है.

- वैज्ञानिकों का मानना है कि वैक्सीन आपको गंभीर बीमार होने से बचा सकती है लेकिन कोरोना से नहीं बचा सकती. इसलिए अब वैक्सीन की तीसरी और चौथी डोज की बात भी कही जा रही है. इजरायल ने अपने देश के नागरिकों के लिए चौथी डोज भी शुरू कर दी है.

- हार्वर्ड गजट में एक स्टडी छपी है. इस स्टडी में फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन की डोज ले चुके लोगों को शामिल किया गया था. स्टडी में सामने आया कि जिन्हें बूस्टर डोज लगी थी, उनमें ओमिक्रॉन के खिलाफ बेहतर इम्युनिटी थी. 

- यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (UKHSA) का कहना है कि वैक्सीन की दो डोज लेने के 25 हफ्ते बाद ओमिक्रॉन के खिलाफ सिर्फ 10% ही इम्युनिटी रहती है. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में इन्फेक्शियस डिसीज के प्रोफेसर सुसैना डुनाची का कहना है कि ओमिक्रॉन के खिलाफ तीन डोज की जरूरत होगी.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें