कोरोना वायरस महामारी की वजह से अमेरिका की अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका लगा है. पिछले दो महीने में लाखों लोग अपनी नौकरी गंवा चुके हैं और आने वाले कुछ वक्त तक सबकुछ पटरी पर लौटने का आसार नहीं दिख रहे हैं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ग्रुप का गठन किया है, जो अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का काम करेगा. इसमें कई भारतीय अमेरिकी मूल के बिजनेसमैन भी शामिल हैं.
डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा जिस कमेटी का गठन किया गया है, उसमें गूगल के सुंदर पिचाई, माइक्रोसॉफ्ट के सत्या नडेला को भी शामिल किया गया है. जिनसे डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन एक बार फिर अर्थव्यवस्था को खड़ा करने में सलाह लेगा.
अमेरिकी आंकड़ों के मुताबिक, अबतक डेढ़ करोड़ लोग अपनी नौकरी गंवा चुके हैं, जिसके वजह से अबतक की सबसे बड़ी मंदी और बेरोजगारी का संकट सिर पर खड़ा है. डोनाल्ड ट्रंप की ओर से अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अलग-अलग क्षेत्र के 200 लोगों के ग्रुप का गठन किया है, जो हर क्षेत्र के बारे में बारीकी से रिपोर्ट तैयार करेंगे.
इनमें ये भारतीय-अमेरिकी शामिल हैं,
सुंदर पिचाई, गूगल
सत्या नडेला, माइक्रोसॉफ्ट
अरविंद कृष्णा, आईबीएम
संजय मेहरोत्रा, माइक्रोन
एन मुखर्जी, पेर्नोड रिकर्ड
अजय बांगा, मास्टरकार्ड
इनके अलावा भी डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की नामी कंपनियों के प्रमुखों को इस टीम में शामिल किया है. जिसमें फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग, टेस्ला के एलॉन मस्क भी शामिल हैं. इन सभी से कृषि, आईटी सेक्टर, फूड, कंस्ट्रक्शन, मैन्युफेक्चरिंग फील्ड के लिए प्लान तैयार करने को कहा गया है, जिसे कोरोना संकट खत्म होने के बाद लागू किया जाएगा.
गौरतलब है कि अभी अमेरिका में कोरोना वायरस के संकट की वजह से स्टे एट होम का आदेश लागू है, जिसके कारण अधिकतर दफ्तर बंद हैं, फैक्ट्रियां भी बंद हैं. अमेरिका में अबतक कोरोना वायरस की वजह से 6 लाख से अधिक लोग बीमार हैं, जबकि 25 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.