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कोरोना की तीसरी लहर पर PM ने चेताया, बोले- हिल स्टेशन पर उमड़ी भीड़ चिंता का विषय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ संवाद किया. पीएम मोदी ने कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की, साथ ही माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर फोकस करने को कहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो: PTI) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो: PTI)
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स्टोरी हाइलाइट्स
  • पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों संग PM का संवाद
  • पूर्वोत्तर में बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले
  • हिल स्टेशन पर उमड़ी भीड़ चिंता का विषय: PM

कोरोना वायरस (Coronavirus) की दूसरी लहर अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है और इस बीच कई राज्यों से नए मामले बढ़ने की खबरें सामने आने लगी हैं. इसी बीच आज एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने (Narendra Modi) पूर्वोत्तर के कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कोविड-19 को लेकर अहम चर्चा की. हिल स्टेशन, पर्यटन स्थलों पर उमड़ रही भीड़ को लेकर पीएम मोदी ने चिंता व्यक्त की और लोगों से सावधानी बरतने को कहा. 

कोरोना के हर वैरिएंट पर नज़र रखना ज़रूरी...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों से चर्चा के दौरान कहा कि वैक्सीनेशन को लेकर पूर्वोत्तर के राज्य जिस तरह आगे बढ़ रहे हैं, वह बधाई के पात्र हैं. जिन राज्यों में अभी कमी महसूस हो रही है, वहां पर भी इसपर ज़ोर देने की ज़रूरत है. 

पीएम मोदी ने कहा कि कोविड की दूसरी लहर के दौरान अलग-अलग सरकारों ने काम किया है. पूर्वोत्तर के कुछ जिलों में मामले बढ़े हैं, ऐसे में सतर्क रहने की ज़रूरत है. पीएम मोदी ने कहा कि कंटेनमेंट नीति पर ज़ोर देकर ही सही एक्शन लिया जा सकता है.

पीएम ने कहा कि हमें कोरोना के हर वैरिएंट पर नज़र रखनी होगी, ये बहरुपिया है और बार-बार अपना रंग बदलता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हिल स्टेशन पर जो भीड़ उमड़ रही है, वो चिंता का विषय है. यहां लोग बिना मास्क के घूम रहे हैं.

पीएम मोदी ने पर्यटकों को चेताया...

पीएम मोदी ने कहा कि लोग तर्क दे रहे हैं कि तीसरी लहर से पहले वो घूम रहे हैं, लेकिन तीसरी लहर खुद नहीं आएगी उसे इसी तरह लाया जाएगा. वैक्सीनेशन के मसले पर हमें हर किसी की जागरुक करना होगा. 

पिछले एक हफ्ते में पूर्वोत्तर के राज्यों में कोरोना (Corona) के मामले अचानक से तेज़ हुए हैं. हालात ये हैं कि हर पांच में से तीसरा ऐसा जिला जहां पॉजिटिविटी रेट (Positivity Rate) दस फीसदी से ऊपर है, वह पूर्वोत्तर के राज्य का ही है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी है चेतावनी

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) के आंकड़ों के मुताबिक, 5 से 11 जुलाई के बीच देश में करीब 58 जिले ऐसे हैं, जहां पॉजिटिविटी रेट 10 फीसदी से अधिक था. इनमें से 37 जिले पूर्वोत्तर राज्यों के हैं. यही कारण था कि स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से इन सभी राज्यों के सामने चिंता व्यक्त की गई थी. 

केंद्र सरकार (Centre Government) की ओर से सभी राज्यों को सलाह दी गई है कि बड़ी संख्या में RT-PCR टेस्ट किए जाएं. अभी इन राज्यों में बड़ी संख्या में सिर्फ एंटीजन टेस्टिंग ही की जा रही है, जिसे कम सटीक माना जाता है. 

पूर्वोत्तर के राज्यों में एक्टिव केस की संख्या:

•    असम: 19594
•    मणिपुर: 7520
•    मिजोरम: 4336
•    मेघालय :4110
•    त्रिपुरा: 4100
•    अरुणाचल प्रदेश: 3918
•    सिक्किम: 2225
•    नगालैंड: 959


गौरतलब है कि बड़े राज्यों के मुकाबले संख्या के हिसाब से भले ही पूर्वोत्तर में मामले कुछ कम दिखते हो, लेकिन यहां की जनसंख्या (Population) के हिसाब से ये काफी अधिक हैं. साथ ही इन राज्यों के जिलों का पॉजिटिविटी रेट भी डराने वाला है, जो दूसरी लहर के खत्म ना होने और तीसरी लहर के आने के संकेत देता है.

अगर देश के अन्य हिस्सों की बात करें तो अभी भी देश में चार लाख से अधिक एक्टिव केस की संख्या बनी हुई है. करीब दो राज्य ऐसे हैं, जहां एक्टिव केस की संख्या एक-एक लाख से अधिक है. 

 

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