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एस्ट्राजेनेका ने एंटीबॉडी उपचार के आपातकालीन उपयोग के लिए FDA से मांगी अनुमति

मानवों पर हुए ताजा परीक्षण बताते हैं कि एजेडडी7442 ने लक्षण के साथ कोविड-19 होने के जोखिम को 77 प्रतिशत कम कर देता है. तीन चौथाई प्रतिभागियों के इम्यून सिस्टम को दबाया गया था और इस तरह के हालात बनाए गए कि इस बीमारी को लेकर वह अतिसंवेदनशील हो. 

एस्ट्राजेनेका ने FDA से मांगी अनुमति (सांकेतिक फोटो) एस्ट्राजेनेका ने FDA से मांगी अनुमति (सांकेतिक फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • एंटीबॉडी उपचार के आपातकालीन उपयोग के लिए आवेदन
  • एफडीए से मांगी है स्वीकृति

एस्ट्राजेनेका ने एंटीबॉडी उपचार के आपातकालीन उपयोग के लिए अमेरिकी खाद्य और दवा प्रशासन (एफडीए) से स्वीकृति मांगी है. एस्ट्राजेनेका, कोविड-19 रोधी टीका विकसित करने वाली एक एंग्लो-स्वीडिश दवा निर्माता कंपनी है. उन्होंने इस बीमारी की रोकथाम के लिए एंटीबॉडी उपचार तैयार किया है और एफडीए से इसे अधिकृत करने को कहा है. कंपनी ने मंगलवार को कहा कि ‘एजेडडी7442’ के नाम वाला उपचार कोविड-19 की रोकथाम के लिहाज से आपात उपयोग के लिए पहला एंटीबॉडी उपचार होगा. एस्ट्राजेनेका ने कहा कि उपचार से उन लोगों को बचाया जा सकता है जिनका इम्यून सिस्टम, टीकाकरण पर सही से काम नहीं करता.

मानवों पर हुए ताजा परीक्षण बताते हैं कि एजेडडी7442 ने लक्षण के साथ कोविड-19 होने के जोखिम को 77 प्रतिशत कम कर देता है. तीन चौथाई प्रतिभागियों के इम्यून सिस्टम को दबाया गया था और इस तरह के हालात बनाए गए कि इस बीमारी को लेकर वह अतिसंवेदनशील हो. 

कोविड-19 रोगियों के लिए प्लाज्मा थैरेपी उपयोगी नहीं 

कोविड-19 के अधिकतर गंभीर रोगियों में प्लाज्मा चढ़ाने की पद्धति अधिक उपयोगी नहीं है. मंगलवार को प्रकाशित एक अध्ययन के परिणामों में यह बात कही गयी है. जेएएमए पत्रिका में प्रकाशित नतीजे रीमैप-कैप परीक्षण के सबसे ताजा परिणाम हैं. इस परीक्षण में दुनियाभर के सैकड़ों अस्पतालों में भर्ती हजारों रोगियों को शामिल किया गया था. अध्ययनकर्ता और अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग स्कूल ऑफ मेडिसिन में सहायक प्रोफेसर ब्रयान मैकवेरी ने कहा, ‘‘महामारी की शुरुआत में प्लाज्मा का उपयोग करने के कारण थे, तब हजारों लोग बीमार हो रहे थे और उपचार के तरीके खोजे जा रहे थे’’

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उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से या तो इस पद्धति का इस्तेमाल क्लीनिकल परीक्षण से परे किया जा रहा था या उन परीक्षणों में किया जा रहा था जिनमें गंभीर रोगियों पर ध्यान नहीं था.’’

अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि ताजा परिणामों के अनुसार कोविड-19 के अत्यंत गंभीर रोगियों के लिए कान्वलेसेंट प्लाज्मा का उपयोग बंद होना चाहिए. उन्होंने कहा कि उन उपचारों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए जो कारगर सिद्ध हो चुके हैं, वहीं अन्य बेहतर उपचार तरीके विकसित किये जाने चाहिए और उनका परीक्षण होना चाहिए. 

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