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तीसरी लहर से जंग की तैयारी, दिल्ली एम्स में 6 से 12 साल के बच्चों पर होगा कोवैक्सीन का ट्रायल

देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर अब कमजोर पड़ गई है, लेकिन तीसरी लहर से निपटने की तैयारी शुरू हो गई है. दिल्ली एम्स में मंगलवार से कोवैक्सीन के ट्रायल के लिए 6 से 12 साल के बच्चों का सिलेक्शन किया जाएगा.

मई में कोवैक्सीन को ट्रायल की मंजूरी मिली थी (फाइल फोटो-PTI) मई में कोवैक्सीन को ट्रायल की मंजूरी मिली थी (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 6 से 12 साल के बच्चों पर होगा ट्रायल
  • बाद में 2 से 6 साल के बच्चे होंगे शामिल

देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर अब कमजोर पड़ती जा रही है, लेकिन तीसरी लहर की चेतावनी के बीच बच्चों की वैक्सीन पर तेजी से ट्रायल हो रहा है. दिल्ली एम्स में 12 से 18 साल के बच्चों को कोवैक्सीन का एक डोज लग चुका है और अब 6 से 12 साल के बच्चों पर ट्रायल शुरू किया जाएगा. इसके लिए मंगलवार से बच्चों का सिलेक्शन किया जाएगा.

एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, एम्स दिल्ली में मंगलवार से कोवैक्सीन के ट्रायल के लिए 6 से 12 साल के बच्चों के सिलेक्शन की प्रोसेस शुरू होगी. 6 से 12 साल के बच्चों पर क्लिनिकल ट्रायल होने के बाद 2 से 6 साल के बच्चों को इसमें शामिल किया जाएगा. एम्स के मुताबिक, 12 से 18 साल के बच्चों को कोवैक्सीन की पहली डोज दे दी गई है और 28 दिन बाद उन्हें दूसरी डोज दी जाएगी.

तीसरी लहर की चेतावनी के बीच 12 मई को सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने कोवैक्सीन को बच्चों पर ट्रायल की सिफारिश की थी. इसके बाद ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने ट्रायल को मंजूरी दी. 

ये ट्रायल देश के कुल 525 बच्चों पर किया जाएगा. इनमें 175-175 बच्चों के तीन ग्रुप बनाए गए हैं. पहले ग्रुप में 12 से 18 साल की उम्र के 175 बच्चे शामिल होंगे. दूसरे ग्रुप में 6 से 12 साल की उम्र के 175 बच्चे और तीसरे ग्रुप में 2 से 6 साल की उम्र के 175 बच्चों को शामिल किया जाएगा.

इन बच्चों को 28 दिन के गैप पर वैक्सीन के दो डोज दिए जाएंगे. जुलाई के बीच तक ये ट्रायल खत्म होगा. इसके बाद नतीजों के आधार पर ही बच्चों पर इसके इस्तेमाल की मंजूरी दी जाएगी.

 

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