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अमेरिकाः अब सीधे दुकान पर ही मिल जाएगी Paxlovid, कोरोना होने के 5 दिन के अंदर लेनी होगी दवा

अमेरिका में अब फाइजर की कोरोना की दवा Paxlovid को सीधे मेडिकल की दुकान से भी खरीदा जा सकता है. अभी तक इस दवा को डॉक्टर की सलाह पर ही लिया जा सकता था, लेकिन अब फार्मेसी की दुकान से सीधे इसे खरीद सकते हैं.

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Paxlovid का 5 दिन का कोर्स होगा. (फाइल फोटो-AP/PTI) Paxlovid का 5 दिन का कोर्स होगा. (फाइल फोटो-AP/PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिसंबर 2021 में मिली थी Paxlovid को मंजूरी
  • कोरोना के खिलाफ 86% तक असरदार है ये दवा

अमेरिकी फार्मा कंपनी फाइजर (Pfizer) की कोरोना की दवा Paxlovid को अब मेडिकल की दुकान से भी खरीदा जा सकता है. अमेरिका के फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने इसकी मंजूरी दे दी दी है. FDA ने मंजूरी देते हुए कहा कि अब फार्मेसी की दुकानें भी मरीजों को Paxlovid दवा दे सकते हैं. पहले सिर्फ डॉक्टर ही कोरोना मरीजों को ये दवा लेने की सलाह दे सकते थे. 

अमेरिकी रेगुलेटर ने इस दवा को कोरोना मरीजों पर इस्तेमाल के लिए पिछले साल दिसंबर में मंजूरी दी थी. ये दवा कोरोना मरीजों के इलाज के लिए इस्तेमाल हो रही थी. अब तक डॉक्टर के कहने पर ही इस दवा को लिया जा सकता था. लेकिन अब कोरोना मरीज फार्मेसी की दुकान पर जाकर भी इस दवा को ले सकते हैं. 

Paxlovid कोरोना की दवा है, जिसे Pfizer ने बनाया है. पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस दवा को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में बड़ा कदम बताया था.

कौन ले सकता है ये दवा?

- ये दवा अभी सिर्फ उन मरीजों को दी जाएगी जिनकी उम्र 12 साल से ऊपर होगी और जिनका वजन कम से कम 40 किलो होगा. इसका मतलब ये हुआ कि अगर आपकी उम्र 12 साल के ऊपर है, लेकिन वजन 40 किलो से कम है तो ये दवा नहीं दी जाएगी. 

- इस दवा को कोरोना के लक्षण दिखने के 5 दिन के भीतर लिया जा सकता है. इस दवा का 5 दिन का कोर्स होगा. हालांकि, इस दवा को अभी तक कोरोना के लिए मंजूरी नहीं मिली है, लेकिन इसे इमरजेंसी के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है.

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तो क्या वैक्सीन की जरूरत नहीं होगी?

- ऐसा नहीं है. Paxlovid कोरोना की वैक्सीन का सब्सटीट्यूट नहीं है. ये बस कोरोना की दवा है जो इसके इलाज में काम आएगी. वैक्सीन कोरोना से बचाने में काफी हद तक कारगर है.

कितनी सुरक्षित है ये दवा?

- क्लीनिकल ट्रायल में ये दवा सुरक्षित साबित हुई है. एफडीए के मुताबिक, कंपनी ने क्लीनिकल ट्रायल में 18 साल से ऊपर के 2,100 लोगों को शामिल किया था. इसमें से 1,039 को Paxlovid दवा और 1,046 को प्लासबो दिया गया था. 

- नतीजों के मुताबिक, Paxlovid मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने और मौत होने के खतरे को 88% तक कम कर देती है. इसके अलावा जिन लोगों को Paxlovid दी गई थी, उनमें से 0.6% ही थे जिन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ी या मौत हुई. वहीं, प्लासबो कैंडिडेट में ये आंकड़ा 6% का था.

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इस दवा के साइड इफेक्ट्स क्या हैं? 

- इस दवा के भी कुछ साइड इफेक्ट्स हैं. एफडीए के मुताबिक, इस दवा को लेने के बाद टेस्ट गायब हो सकता है. डायरिया, बीपी बढ़ने और मांसपेशियों में खिंचाव जैसी समस्या आ सकती है.

किन लोगों को ये दवा नहीं लेनी चाहिए? 

- ये दवा उन लोगों को बिल्कुल नहीं लेनी चाहिए जिन्हें किडनी से जुड़ी कोई गंभीर बीमारी है. अगर आपको किडनी से जुड़ी कोई बीमारी है तो अपने डॉक्टर की सलाह पर ही ये दवा लें. हालांकि, एफडीए ने चेताया है कि किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों को इस दवा के इस्तेमाल से बचना चाहिए. 

क्या भारत में भी है ये दवा? 

- नहीं. भारत में अभी Paxlovid दवा को कोई मंजूरी नहीं मिली है. इसे अभी सिर्फ अमेरिका में ही मंजूर किया गया है.

 

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