कोरोना महामारी के इस दौर में डॉक्टर और नर्स ही हैं, जो हमारे लिए भगवान बनकर आए हैं. कोरोना मरीजों के इलाज के लिए ये अपनी जान की परवाह किए बगैर लगातार काम कर रहे हैं.
ऐसी ही एक नर्स हैं स्वाति, जो छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के रेलवे अस्पताल में ड्यूटी कर रही हैं. यहां कोविड वार्ड में कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है. कुछ मरीज ऐसे भी हैं जो मूकबधिर हैं. ऐसे में स्वाति ने उन मरीजों से बात करने के लिए साइन लैंग्वेज सीख ली. स्वाति का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है. रेलवे ने भी ट्वीट कर स्वाति की तारीफ की है.
स्वाति ने अपने वार्ड में भर्ती मूक बधिर मरीजों के इलाज के दौरान महसूस किया कि वो उनसे बातचीत नहीं कर पाती. लिहाजा उसने ऑनलाइन जाकर घंटों कड़ी मेहनत कर साइन लैंग्वेज को सीखा और फिर मरीजों के साथ बातचीत कर उनकी तकलीफ को समझते हुए बेहतर इलाज करने की कोशिश की. स्वाति के इन्हीं प्रयासों से उसने न सिर्फ मूक बधिर मरीजों का दिल जीत लिया, बल्कि रेलवे ने भी उसके इस प्रयास की सराहना की है.
मानवीय संवेदना के साथ साथ कर्तव्य परायणता का अनूठा उदाहरण!
— Ministry of Railways (@RailMinIndia)
बिलासपुर, छत्तीसगढ़ के रेलवे अस्पताल में कोरोना पीड़ित मूक बधिर मरीज के लिए नर्स सुश्री स्वाति ने साइन लैंग्वेज सीखी है, ताकि मरीजों की बातों को आसानी से समझा जा सके और उनकी मदद की जा सके।
रेलवे की तरफ से स्वाति का वीडियो शेयर किया गया है. इस वीडियो को शेयर करते हुए रेलवे ने लिखा, "मानवीय संवेदना के साथ साथ कर्तव्य परायणता का अनूठा उदाहरण! बिलासपुर, छत्तीसगढ़ के रेलवे अस्पताल में कोरोना पीड़ित मूक बधिर मरीज के लिए नर्स सुश्री स्वाति ने साइन लैंग्वेज सीखी है ताकि मरीजों की बातों को आसानी से समझा जा सके और उनकी मदद की जा सके."
(रिपोर्टः मनीष सारन)