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TCS के HR ने तोड़ी चुप्पी, कैसे कम हो गए 23000 कर्मचारी? जानिए असली वजह 

TCS Updates News: आईटी क्षेत्र की किसी भी दिग्गज कंपनी के लिए एक साल के भीतर कर्मचारियों की संख्या में इतनी बड़ी गिरावट आना असामान्य माना जाता है. TCS के HR विभाग की तरफ से कहा गया कि कर्मचारियों की संख्या में गिरावट के कोई एक कारण नहीं है.

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टीसीएस में कर्मचारियों की संख्या में गिरावट. (Photo: TCS.Com)
टीसीएस में कर्मचारियों की संख्या में गिरावट. (Photo: TCS.Com)

देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस (TCS) ने 9 अप्रैल को चौथी तिमाही के नतीजे पेश किए थे. दरअसल,  वित्त वर्ष 2026 के नतीजों के साथ ये जानकारी सामने आई है कि कंपनी में कर्मचारियों की कुल संख्या में 23,000 से अधिक की कमी आई है, इस खबर की खूब चर्चा हो रही है. जिसपर अब TCS के HR विभाग ने अपना स्पष्टीकरण जारी किया है. 

TCS हेडकाउंट में बड़ी गिरावट
दरअसल, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की चौथी तिमाही के परिणामों के अनुसार कंपनी में कर्मचारियों की फिलहाल कुल संख्या 5,84,519 है, पिछले वर्ष की तुलना में इसमें करीब 23,460  कर्मचारियों की संख्या में कमी आई है. आईटी क्षेत्र की किसी भी दिग्गज कंपनी के लिए एक साल के भीतर कर्मचारियों की संख्या में इतनी बड़ी गिरावट आना असामान्य माना जाता है. खासकर तब जब टीसीएस को भारत में निजी क्षेत्र के सबसे बड़े नियोक्ताओं में गिना जाता है. 

कंपनी से सवाल- क्या यह छंटनी है?
कर्मचारियों की संख्या में इस कमी को लेकर बाजार में छंटनी (Layoffs) की आशंकाएं जताई जा रही थीं. हालांकि, TCS के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी (CHRO) सुदीप कुन्नुमल ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा कि पिछले साल किए गए आंतरिक फेरबदल के कारण करीब 2% वर्कफोर्स प्रभावित हुई थी. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की संख्या में गिरावट के कोई एक कारण नहीं हैं. 

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उन्होंने बताया कि छंटनी की खबर गलत है, कंपनी ने पिछले साल ही 44,000 फ्रेशर्स को ऑनबोर्ड किया है. इसके अलावा, वित्त वर्ष 2026 की अंतिम समय में भी 2,356 नए कर्मचारियों को जोड़ा गया है, जिनमें अनुभवी पेशेवर और फ्रेशर्स दोनों शामिल हैं. 

इसके अलावा TCS की तरफ से बताया गया कि कंपनी ने भारत में पहले ही 25,000 कैंपस ऑफर दे दिए हैं और वह भविष्य में भी विश्वविद्यालयों से बड़े स्तर पर भर्तियां जारी रखेगी. 

गिरावट के पीछे के संभावित कारण

वहीं एक्सपर्ट्स की मानें तो कर्मचारियों की संख्या में यह कमी केवल छंटनी की वजह से नहीं, बल्कि 'एट्रिशन' यानी कर्मचारियों के खुद नौकरी छोड़कर जाना और मांग के अनुसार भर्ती की रणनीति में बदलाव भी है. टीसीएस अब 'जस्ट-इन-टाइम' हायरिंग मॉडल पर अधिक ध्यान दे रही है, जहां प्रोजेक्ट की आवश्यकता के अनुसार ही नई भर्तियां की जाती हैं. 

भविष्य की राह और AI का प्रभाव
इसके अलावा आईटी इंडस्ट्रीज में एआई (AI) के बढ़ते प्रभाव को लेकर ये चर्चा तेज है कि क्या साल 2030 तक आईटी सेवाएं अप्रासंगिक हो जाएंगी? इस पर टीसीएस के सीईओ के. कृतिवासन ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा है कि भविष्य में कंपनियां AI का लाभ उठाने के लिए टीसीएस जैसी फर्मों पर और अधिक निर्भर होंगी. कंपनी का फिलहाल ऑर्डर बुक मजबूत है, ग्लोबल रेवेन्यू में सुधार देखने को मिल रहे हैं. 

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बता दें, मार्च तिमाही में टीसीएस का शुद्ध लाभ 12% बढ़कर 13,718 करोड़ रुपये रहा. कर्मचारियों का मनोबल बनाए रखने के लिए कंपनी ने सभी ग्रेड और भूमिकाओं के लिए सालाना सैलरी बढ़ोतरी की भी घोषणा की है.

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