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MRF Stock: झटके में 14000 रुपये चढ़ा ये शेयर, खरीदने के लिए उमड़े लोग... फिर 1.50 लाख के करीब पहुंचा स्टॉक प्राइस

MRF कंपनी ने तीसरी तिमाही में दमदार नतीजे पेश किए हैं, कंपनी का मुनाफा बढ़कर 692 करोड़ रुपये हो गया है. जिसके बाद शेयर में तूफानी तेजी देखी जा रही है.

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शानदार तिमाही नतीजे के बाद शेयर में तूफानी तेजी. (Photo: ITG)
शानदार तिमाही नतीजे के बाद शेयर में तूफानी तेजी. (Photo: ITG)

MRF कंपनी के शेयर की खूब चर्चा होती है, क्योंकि शेयर की कीमत एक लाख रुपये से ज्यादा है, हर निवेशक अपने पोर्टफोलियो में इस शेयर को नहीं रख पाते. शुक्रवार को MRF के शेयर में तगड़ी तेजी देखी जा रही है, शेयर का एक बार फिर डेढ़ लाख रुपये के करीब पहुंच गया है. 

दरअसल, टायर बनाने वाली कंपनी MRF लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3) में शानदार प्रदर्शन किया है. तीसरी तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा बढ़कर 692 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में करीब 315 करोड़ रुपये था. इस तरह सालाना आधार पर कंपनी के मुनाफे में दमदार 119% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

1.50 लाख रुपये के करीब पहुंच भाव 

जिसके बाद कंपनी के शेयर खरीदने के लिए निवेशक उमड़ पड़े हैं. शुक्रवार को कारोबार के दौरान MRF के शेयरों में करीब 9 फीसदी की तेजी देखने को मिली है. शेयर की ओपनिंग 1,34,970 रुपये पर हुई थी, और कारोबार के दौरान शेयर का भाव उछलकर 1,49,070 रुपये तक पहुंच गया. यानी एक दिन शेयर का भाव करीब 14000 रुपये चढ़ा है. वैसे शेयर का 52वीक हाई 1,63,600 रुपये है, पिछले एक साल में MRF के शेयर ने करीब 29 फीसदी का रिटर्न दिया है. MRF ने कभी स्टॉक स्प्लिट नहीं किया. यही वजह है कि इसका शेयर प्राइस धीरे-धीरे बढ़ते-बढ़ते लाखों रुपये तक पहुंच गया.

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अगर तिमाही रिजल्ट की बात करें तो कंपनी की ऑपरेशनल इनकम तीसरी तिमाही में मजबूत रही. Q3 में MRF की परिचालन आय बढ़कर करीब 8,050 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो पिछले साल की तुलना में करीब 15 फीसदी ज्यादा है. कुल आय 8,175 करोड़ रुपये के आसपास रही. 

MRF के बोर्ड ने शेयरधारकों को खुशखबरी देते हुए FY26 के लिए दूसरा अंतरिम डिविडेंड 3 रुपये प्रति शेयर घोषित किया है. इसके लिए 13 फरवरी 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है, जबकि डिविडेंड का भुगतान फरवरी के अंत तक किया जाएगा.

एक्सपर्ट का मानना है कि ऑटो सेक्टर में स्थिर मांग, बेहतर प्राइसिंग और लागत काबू में रहने के चलते MRF का प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है. कंपनी का फोकस प्रीमियम टायर सेगमेंट और निर्यात पर भी लगातार बढ़ रहा है, जिसका फायदा आने वाली तिमाहियों में देखने को मिल सकता है.

पहले गुब्बारे बनाती थी कंपनी 

गौरतलब है कि MRF (Madras Rubber Factory) की शुरुआत साल 1946 में चेन्नई से हुई थी. शुरुआती दिनों में MRF केवल रबर बैलून और खिलौने बनाती थी. लेकिन 1952 में कंपनी ने टायर मैन्युफैक्चरिंग में कदम रखा. यही फैसला MRF के भविष्य की दिशा तय करने वाला साबित हुआ. धीरे-धीरे कंपनी ने ट्रक, बस, कार, टू-व्हीलर और एयरक्राफ्ट टायर तक का सफर तय किया. आज कंपनी भारत की सबसे बड़ी टायर निर्माता कंपनियों में से एक है और इसका शेयर कई बार देश का सबसे महंगा शेयर रह चुका है. 

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(नोट: शेयर बाजार में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें)

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