अमेरिका और ईरान में जंग शांत हो चुकी है, होर्मुज स्ट्रेट खुल गया है और तेल-गैस से लगे जहाजों की आवाजाही शुरू हो गई है. लेकिन बीते कुछ समय में मिडिल ईस्ट टेंशन के चलते Oil-Gas Crisis के बीच सरकार ने कई बड़े कदम उठाए थे. इनमें खासतौर पर एलपीजी को लेकर कई बदलाव शामिल थे.
LPG Users के लिए इस दौरान काफी कुछ बदला है, इनमें 30 दिन वाला नियम लागू किया गया है, तो वहीं उज्ज्वला योजना के लिए भी गैस सिलेंडर से जुड़ा एक जरूरी काम करने की डेडलाइन 30 जून को खत्म हो रही है. आइए जानते हैं इन बदले हुए नियमों (Rule Change) से एलपीजी ग्राहकों पर क्या असर होगा?
30 दिन में सिलेंडर सरेंडर रूल
पहले बात करते हैं LPG 30 Days Rule के बारे में, तो जिन घरों में एलपीजी और पीएनजी (PNG) दोनों के कनेक्शन हैं, उन्हें अब नए सरकारी नियम का पालन करना होगा. संशोधित एलपीजी नियमों के तहत ऐसे ग्राहकों को पीएनजी कनेक्शन प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर अपना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर (LPG Cylinder Surrender) करना होगा. उदाहरण के लिए, अगर पीएनजी कनेक्शन 6 जून को लगाया जाता है, तो एलपीजी कनेक्शन 6 जुलाई तक सरेंडर करना होगा.
बीते 25 मई को लिक्विड पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति और वितरण का विनियमन) संशोधन आदेश, 2026 के तहत इस नियम को नोटिफाई किया गया था. यह कदम सरकार के 'एक घर, एक गैस कनेक्शन' पहल का हिस्सा है. इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों में एलपीजी की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करना है, जहां अभी तक पाइप नेचुरल गैस यानी PNG इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है.
इंडेन, भारत गैस समेत सभी पर लागू
एलपीजी का ये नया नियम (LPG New Rule) इंडेन गैस, भारत गैस और एचपी गैस समेत सभी प्रमुख एलपीजी वितरकों के ग्राहकों पर लागू है. पीएनजी के चालू होने के बाद, उपभोक्ताओं को उस घर के लिए एलपीजी सिलेंडर खरीदना या रिफिल करना जारी रखने की परमिशन नहीं होगी. अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से सब्सिडी के दुरुपयोग को कम करने में भी मदद मिलेगी और सुनिश्चित होगा कि एलपीजी का लाभ उन परिवारों तक पहुंचे जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है.
हालांकि, नए नियमों में ऐसे ग्राहकों के लिए सेफ्टी उपाय भी शामिल किए गए हैं, जो बाद में ऐसे क्षेत्रों में जा सकते हैं, जहां पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध नहीं हैं. इसके तहत अपने सिलेंडर को सरेंडर करने वाले ग्राहक एक ट्रांसफर वाउचर ले सकते हैं, जिसका उपयोग भविष्य में एलपीजी कनेक्शन को बहाल करने के लिए किया जा सकता है.
एलपीजी eKYC की डेडलाइन करीब
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों से 30 जून से पहले अपनी ईकेवाईसी प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है. ये काम तय तारीख तक पूरा न होने की स्थिति में इंडेन, भारतगैस और एचपी गैस कनेक्शन से जुड़ी सब्सिडी में रुकावट आ सकती है.
उज्ज्वला ग्राहक IOCL वन मोबाइल ऐप, अपने एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर या सिलेंडर डिलीवरी के दौरान डिलीवरी कर्मचारी के जरिए ईकेवाईसी पूरी करा सकते हैं.