भारत- EU के बीच ऐतिहासिक समझौता हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये केवल ट्रेड डील नहीं है, बल्कि दोनों मुल्कों के बीच एक नए अध्याय की शुरुआत भी है.
मंगलवार दोपहर 2 बजे दोनों देशों के बीच डील को लेकर सार्वजनिक तौर पर ऐलान हुआ, उसके बाद शेयर बाजार ने पलटी मार दी, एक तरह से शेयर बाजार को ये डील पसंद आई. क्योंकि सुबह से ही शेयर बाजार में उथल-पुथल का माहौल था, लेकिन डील पर मोहर लगते ही शेयर बाजार में अचानक तेजी देखने को मिली.
अचानक बाजार में तेजी
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 319 अंक चढ़कर 81857 अंक पर बंद हुआ. निफ्टी 126.75 अंक चढ़कर 25,175 अंक पर बंद हुआ. एक समय निफ्टी गिरकर 24,932.55 तक पहुंच गया था, यानी अपने लो से निफ्टी 250 अंक चढ़ गया. निफ्टी का ऑल टाइम हाई 26,373.20 अंक है.
जानकार इस डील को बाजार के सेंटीमेंट से जोड़कर देख रहे हैं, क्योंकि यह डील भारत-EU व्यापार संबंधों को मजबूती देता है और भविष्य में निर्यात के अवसर को खोलता है.
डील पर मोहर के बाद यूरोपीय कारों पर टैरिफ कटौती की उम्मीद के मद्देनजर भारत के बड़े ऑटो कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई है. महिंद्रा & महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) और अन्य ऑटो कंपनियों के शेयर 3 से 5 फीसदी तक गिर गए. जानकार बता रहे हैं कि इस डील से निवेशकों को लगता है कि कम टैरिफ से यूरोपीय कार कंपनियों को भारत में आने वाले वर्षों में लाभ मिलेगा, और भारतीय ऑटो कंपनियां दबाव महसूस कर सकती हैं.
कुछ स्टॉक्स ने मजबूत रैली दिखाई
डील के पॉजीटिव सिग्नल के तौर कुछ स्टॉक्स में दिखाई दिए. उन कंपनियों के शेयर में तेजी का माहौल रहा, जिनका EU के साथ मजबूत व्यापार है. उदाहरण के लिए, Apex Frozen Foods जैसे एक्सोर्ट वाली कंपनियों के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला है, और यह European बाजार में बेहतर पहुंच की उम्मीद से ऊपर आए हैं.
जानकार मानते हैं कि India-EU ट्रेड डील से शेयर बाजार (Share Market) में बहुत बड़ी रैली नहीं आने वाली है, क्योंकि यह 2027 से लागू होने वाला समझौता है. इसलिए इसका असर धीरे-धीरे और सेक्टर-विशेष रूप से आएगा. वहीं, विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली और रुपये की कमजोरी जैसे अन्य कारक भी बाजार पर दबाव बना रहे हैं. लेकिन इस हफ्ते के पहले दिन बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ.
(नोट: शेयर बाजार में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें)