कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने साढ़े 6 करोड़ सदस्यों को अलर्ट किया है. नौकरीपेशा लोगों के कटने वाली पीएफ की राशि को EPFO ही मैनेज करता है. इसलिए अगर आप इसके सदस्य हैं, तो आपके लिए ये जरूरी खबर है. EPFO ने अपने सदस्यों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए सर्तक किया है. क्योंकि EPFO के नाम पर धोखाधड़ी के मामले सामने आए थे. साइबर अपराधी EPFO के नाम पर फोन कर सदस्यों से उनकी पर्सनल जानकारी मांग रहे हैं और उन्हें धोखाधड़ी का शिकार बना रहे हैं.
क्या है EPFO?
कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) एक रिटायर्मेंट प्लान है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) इसे मैनेज करता है. EPF स्कीम में कर्मचारी और उसकी कंपनी हर महीने बराबर की राशि का योगदान करते हैं. यह कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 12 फीसदी होता है. सरकार ने इस वित्त वर्ष के लिए EPF में जमा राशि पर 8.1 फीसदी की ब्याज दर तय की है.
ऐसे कॉल या SMS का जवाब न दें?
EPFO ने ट्वीट कर लिखा- 'EPFO कभी भी अपने सदस्यों से व्यक्तिगत डिटेल्स जैसे आधार, पैन, यूएएन, बैंक खाता या ओटीपी फोन या सोशल मीडिया पर शेयर करने के लिए नहीं कहता है.' इसके अलावा EPFO किसी भी सेवा के लिए कभी भी व्हाट्सएप, सोशल मीडिया आदि के माध्यम से कोई राशि जमा नहीं करने को कहता है. इस प्रकार के कॉल या SMS का उत्तर कभी न दें.
साइबर अपराधी लोगों को फोन कर KYC आदि के नाम पर उनकी पर्सनल डिटेल्स लेकर गलत तरीके से पैसों की निकासी कर सकते हैं.
पीएफ में जमा पर ब्याज दर
सरकार ने बीते मार्च महीने में पीएफ अकाउंट में जमा पर ब्याज दर को 8.5 फीसदी से घटाकर 8.1 फीसदी कर दिया था. यह करीब 40 साल की सबसे कम ब्याज दर है. 1977-78 में EPFO ने 8 फीसदी की ब्याज दर तय की थी. लेकिन इसके बाद से लगातार यह 8.25 फीसदी या उससे अधिक रही.
किसी कर्मचारी की सैलरी पर 12 फीसदी की कटौती ईपीएफ अकाउंट के लिए होती है. एम्प्लॉयर की तरफ से एंप्लाई की सैलरी में की गई कटौती का 8.33 फीसदी ईपीएस कर्मचारी पेंशन योजना में, जबकि 3.67 फीसदी ईपीएफ में पहुंचता है.'