आज से नया फाइनेंशियल ईयर शुरू हो चुका है, जिस कारण कई सारे नियम भी लागू हो रहे हैं. इसमें पैन कार्ड से हुड़े कई सारे नियम हैं, जो आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं. पैन कार्ड के नियमों को सख्त करते हुए सरकार ने नया नियम लागू किया है. इसमें बैंक डिपॉजिट लिमिट से लेकर होटल और रेस्टोरेंट बिल पेमेंट का नियम शामिल है.
1. कार-बाइक खरीदने पर नियम
पहले हर मोटर व्हीकल खरीदने पर PAN दिखाना होता था, लेकिन अब यह नियम बदल गया है. अगर आप 5 लाख रुपये से ज्यादा के वाहन खरीदते हैं तो PAN Card देना होगा, चाहे टू-व्हीलर हो या फोर-व्हीलर हो. 5 लाख रुपये तक की लिमिट क्रॉस करेगी तो ही पैन देना होगा.
2. PAN बनवाने का नियम
अब अगर आप पैन बनवाने जाएंगे तो सिर्फ आधार कार्ड से काम नहीं चलेगा. इसके अलावा, अन्य संबंधित दस्तावेज देने होंगे जैसे एड्रेस, प्रूफ, बर्थ प्रूफ सर्टिफिकेट आदि. सिर्फ आधार के बेसिस पर पैन नहीं दिया जाएगा. अन्य संबंधित डॉक्यूमेंट के तौर पर आप बर्थ सर्टिफिकेट या ड्राइविंग लाइसेंस भी दे सकते हैं.
3. ट्रांजैक्शन की लिमिट में बदलाव
पैन को लेकर सबसे बड़ा बदलाव बैंक ट्रांजैक्शन को लेकर हुआ है. अब इसकी लिमिट चेंज हो चुकी है. पहले बैंक में 50 हजार रुपये एक बार में जमा करने पर पैन दिखाना पड़ता था, लेकिन अब इस लिमिट को 10 लाख रुपये सालाना कर दिया गया है.
4. प्रॉपर्टी खरीदने पर लिमिट
अगर आप कोई प्रॉपर्टी खरीदते हैं और उसका रजिस्ट्रेशन कराते हैं, तो रजिस्ट्रेशन वैल्यू या सर्किल रेट 10 लाख रुपये होने पर आपको पैन कार्ड देना पड़ता था, जिसे बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया गया है. यह नियम आज से ही लागू कर दिया गया है
5. होटल और रेस्टोरेंट बिल
पहले रेस्टोरेंट बिल या होटल बिल कैश में सेटल करने पर 50 हजार रुपये के ऊपर पैन देना होता था, लेकिन अब ये लिमिट बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है. इसी तरह, बीमा प्रीमियम 50 हजार रुपये से ऊपर जमा करने पर पैन देना होता था, अब इसमें भी बदलाव कर दिया गया है.
6. 2 लाख से ज्यादा ट्रांजैक्शन पर पैन
बाकी लिमिट को समान रखा गया है. लेकिन अगर किसी ट्रांजैक्शन के तहत पैन जमा करने की कैटेगरी नहीं है, तो उस कडीशन में किसी भी तरह के 2 लाख रुपये से ऊपर के लेनदेन पर पैन दिखाना अनिवार्य होगा.