scorecardresearch
 

'मेरा एक ही बेटा था, मैंने उसे खो दिया...', बेटे के निधन की बात कर इमोशनल हुए अरबपति

इंडिया टुडे कॉन्‍क्‍लेव के दौरान, अपने बेटे अग्निवेश के खोने की बात करते हुए अरबपति अनिल अग्रवाल इमोशनल हो गए. साथ ही उन्‍होंने कहा कि उस घटना ने उन्‍हें निडर बना दिया है और अब उन्‍हें काम करते रहने का नया कारण मिला है.

Advertisement
X
इंडिया टुडे कॉन्‍क्‍लेव में बोलते हुए अरबपति अनिल अग्रवाल. (Photo: ITG)
इंडिया टुडे कॉन्‍क्‍लेव में बोलते हुए अरबपति अनिल अग्रवाल. (Photo: ITG)

वेदांता रिसोर्सेज के चेयरमैन अनिल अग्रवाल इंडिया टुडे कॉन्‍क्‍लेव में भारत के डेवलपमेंट को लेकर कई मुद्दों पर बात की. उन्‍होंने कहा कि भारत के पास अपार संभावनाएं हैं, अगर लोगों को मौका दिया जाए तो भारत में हम खुद की एनर्जी बना सकते हैं. इसके अलावा, उन्‍होंने विदेशी शिक्षा के बजाय स्‍वदेशी शिक्षा पर जोर दिया. अरबपति ने महिलाओं को आगे बढ़ाने की भी बात कही. 

इस बीच, अरबपति अनिल अग्रवाल अपने बेटे के निधन की बात करते हुए इमोशनल हो गए. अग्रवाल के बेटे अग्निवेश की 49 साल की उम्र में न्यूयॉर्क में स्कीइंग दुर्घटना से उबरने के दौरान दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी. अग्निवेश अनिल अग्रवाल के इकलौते बेटे थे और वेदांता में उनकी एक बड़ी भूमिका थी. 

मैंने उठकर आगे बढ़ने का फैसला किया 
अपने बेटे को खोने के बाद, अनिल अग्रवाल ने कहा कि मेरा एक ही बेटा था और मैंने उसे खो दिया, लेकिन इससे मुझे काम करते रहने का और भी मजबूत कारण मिला है. उन्‍होंने कहा कि मैंने इस दुखद घटना के बाद निराशा के आगे हार न मानने का फैसला किया. उन्‍होंने कहा कि या तो मैं गिर जाता, या मैं उठकर आगे बढ़ जाता. मैंने उठकर आगे बढ़ने का फैसला किया. क्योंकि भारत हमारे दिलों में बसा है और देश के लिए हम अभी भी बहुत कुछ कर सकते हैं. 

Advertisement

इस घटना ने निडर बना दिया
अरबपति ने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें निडर बना दिया है और वे अपना काम जारी रखने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं. अब मुझे डर नहीं है. हमें जो करना होगा हम करेंगे. हम छोटे-मोटे काम नहीं करते – हम दिल से काम करते हैं. अग्रवाल ने भारत की युवा प्रतिभा में अपने विश्वास और छात्रों को शिक्षा के लिए देश से बाहर जाने के बजाय घर पर ही अवसर पैदा करने की आवश्यकता के बारे में भी बात की. 

हमारे देश में बहुत ताकत है
उन्होंने कहा कि हर साल करीब सात लाख बच्चे पढ़ाई के लिए विदेश जाते हैं. ऐसा क्यों होना चाहिए? लोगों को भारत आना चाहिए. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर युवाओं, महिलाओं, पूर्व सैन्य कर्मियों और पेशेवरों को सही अवसर दिए जाएं तो भारत में अपार संभावनाएं हैं.

उन्होंने कहा कि हमारी लड़कियों को आगे आना चाहिए. हमारे पूर्व सैन्य अधिकारियों और युवा पेशेवरों को अवसर मिलना चाहिए. हमारे देश में बहुत ताकत है.

खुद की एनर्जी डेवलप करनी होगी
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026 में बोलते हुए अनिल अग्रवाल ने भारत से आयातित ऊर्जा पर अपनी निर्भरता कम करने की बात कही. उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्‍ट देश भारत को आत्मनिर्भर बनने देना नहीं चाहते, वे चाहते हैं कि भारत उनसे तेल और गैस खरीदता रहे. 

Advertisement

उन्होंने कहा कि भारत में तेल की पर्याप्त भौगोलिक क्षमता होने के बावजूद, इसकी 90% से अधिक तेल की मांग आयात से पूरी होती है. अग्रवाल ने उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए तुरंत अप्रूवल और नीतिगत सुधारों की बात कही. उन्‍होंने कहा कि घरेलू ऊर्जा संसाधनों का विस्तार भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और नए अवसर पैदा करेगा.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement