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अमेरिका में 13 साल के भारतीय शुभम ने किया कमाल

भारतीय मूल के एक 13 वर्षीय किशोर ने कमाल कर दिखाया है. उसने एक कंपनी खोल दी है जो दृष्टिहीन लोगों के लिए लिखी जाने वाली लिपि ब्रेल को छापने के लिए कम दाम वाली मशीनों का उत्पादन करेगी.

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शुभम बनर्जी
शुभम बनर्जी

भारतीय मूल के एक 13 वर्षीय किशोर ने कमाल कर दिखाया है. उसने एक कंपनी खोल दी है जो दृष्टिहीन लोगों के लिए लिखी जाने वाली लिपि ब्रेल को छापने के लिए कम दाम वाली मशीनों का उत्पादन करेगी.

यह किशोर है शुभम बनर्जी जो कैलिफोर्निया के एक स्कूल में आठवीं का छात्र है. उसने जो कंपनी बनाई उसका नाम है ब्रैगो लैब्स और इस नई कंपनी में चिप बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी इंटेल ने हाल ही में बड़ा निवेश किया है.

शुभम ने पिछले साल गर्मियों में अपने पिता से 35,000 डॉलर उधार लेकर अपनी कंपनी बनाई. उसके बाद उसे शानदार काम के लिए कई पुरस्कार भी मिले. लोगों ने भी बढ़-चढ़कर उसका साथ दिया.

अब शुभम की इच्छा है कि वह एक ब्रेल प्रिंटर डेस्कटॉप बनाए जिसकी कीमत महज 350 डॉलर हो और जिसका वज़न बहुत कम हो. अभी ब्रेल प्रिंटर बहुत महंगे हैं और उनकी कीमत अभी 2,000 डॉलर है. ज्यादातर दृष्टिहीन उसे खरीद नहीं पाते. उनका वज़न कम से कम नौ किलो होता है. इससे दृष्टिहीन लोगों को बहुत परेशानी हती है. इस प्रिंटर से ब्रेल पठन सामग्री कागज पर प्रिंट की जा सकती है. इसमें उठे हुए से डॉट होते हैं जिन्हें छू-छूकर दृष्टिहीन पढ़ाई करते हैं. इसके लिए एक पर्सनल कंप्यूटर या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चाहिए. उसके जरिये ब्रेल पठन सामग्री इस प्रिंटर पर भेजी जा सकती है.

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शुभम ने अपने प्रिंटर को बनाने के लिए कई रातें जगकर बिताई. अपने घर के किचन टेबल पर इसका प्रदर्शन किया. इसके लिए उसने लीगो माइंडस्टोर्म ईवी3 किट का इस्तेमाल किया.

- इनपुट एजेंसी

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