1000 रुपये की पेंशन रिटायरमेंट पर आज के समय किसी भी कर्मचारी के लिए अपर्याप्त ही रहेगी. ऐसे में अब इसे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है. कर्मचारी संगठनों की ओर से मांग के बाद अब सरकार कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) के तहत न्यूनतम पेंशन में भारी बढ़ोतरी पर विचार कर रही है. (Photo: ITG)
सूत्रों के मुताबिक, न्यूनतम पेंशन बढ़ाकर 7,500 रुपये की जा सकती है. यह मांग संगठनों की ओर से कई सालों से हो रही है, जिनका तर्क है कि मौजूदा अमाउंट जरूरतों को पूरा करने के लिए बहुत कम है. एक संसदीय समिति ने भी इस विचार का समर्थन किया है, जिससे प्रस्ताव को और मजबूती मिली है. हालांकि अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया गया है, लेकिन उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं. (Photo: Pixabay)
किसे मिलेगा इसका सबसे ज्यादा फायदा?
अगर इसे मंजूरी मिल जाती है तो यह बदलाव सीधे तौर पर EPS-95 के तहत आने वाले लाखों पेंशनर्स की मदद करेगा, जिनमें से कई कम आय कैटेगरी वाले हैं. उनके लिए यह बढ़ोतरी, डेली खर्चें, हेल्थ केयर और महंगाई के मैनेजमेंट में खास अंतर ला सकती है. (Photo: ITG)
EPS-95 के तहत कौन-कौन आता है?
जो कर्मचारी EPFO के तहत आते हैं यानी जिनका पीएफ कटता है, वे ही EPS-95 के लिए योग्य होते हैं. ईपीएस के तहत आने के लिए बेसिक सैलरी 15000 रुपये से ज्यादा होना चाहिए. साथ ही कम से कम 10 साल की नौकरी पूरी होनी चाहिए. 58 साल की उम्र होने के बाद ही पेंशन दिया जाता है. कर्मचारी की मौत होने के बाद पति-पत्नी या बच्चे को भी पेंशन मिलता है. आपके पीएफ का योगदात 12 फीसदी होता है, जिसमें से 8.33 फीसदी पेंशन में दिया जाता है. 10 साल से भी कम नौकरी करने वाले कभी भी पेंशन का पैसा वापस ले सकते हैं. (Photo: ITG)
कई काम को आसान बनाने पर भी फोकस
पेंशन में संशोधन के साथ-साथ, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन निधि (EPFO) तक पहुंच को आसान बनाने पर काम कर रहा है. एटीएम बेस्ड विड्रॉल जल्द ही वास्तविकता बन सकती है, जिससे कस्टमर्स को अपना पैसा ज्यादा तेजी से मिलने की सुविधा मिलेगी. PF डिपॉजिट पर 8.25% की ब्याज दर देने का भी एक प्रस्ताव है, हालांकि इसे अभी भी मंजूरी मिलना बाकी है. (Photo: Pixabay)
क्लेम सेटलमेंट हुआ तेज
आंकड़ों से पता चलता है कि EPFO ने अपने क्लेम सेटलमेंट प्रॉसेस में सुधार किया है, जिससे ज्यादा क्लेम का सेटलमेंट तेजी से और कम कागजी कार्रवाई के साथ हो रहा है. डिजिटल अपडेट और ऑटोमैटिक ने देरी को कम करने में मदद की है, जिससे यूजर्स के लिए सिस्टम बहुत ज्यादा आसान हो चुका है. (Photo: ITG)
फिलहाल सबकी निगाहें पेंशन के फैसले पर टिकी हैं. अगर पेंशन में बढ़ोतरी होती है, तो इससे देश भर के लाखों रिटायरमेंट लोगों को बेहद जरूरी वित्तीय राहत मिल सकती है. (Photo: ITG)