वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को 2023-24 के केंद्रीय बजट को पेश किया. इस बार बजट में सरकार ने राष्ट्रपति भवन के खर्च में कटौती की है. बजट में राष्ट्रपति भवन के खर्च के लिए 36.22 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसमें कर्मचारियों का वेतन भी शामिल है. लेकिन यह राशि पिछले बजट के संशोधित अनुमानों से 10 करोड़ रुपये कम है
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बुधवार को पेश किए गए बजट दस्तावेज के मुताबिक, राष्ट्रपति कार्यालय के लिए और अन्य खर्च के लिए 90.14 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले बजट में घोषित 84.8 करोड़ रुपये से 5.34 करोड़ रुपये अधिक है.
बजट में राष्ट्रपति की सैलरी और अन्य भत्तों के लिए 60 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है. इतना ही नहीं 53.32 करोड़ रुपए राष्ट्रपति सचिवालय के लिए और 36.22 करोड़ रुपये अन्य व्यय (कर्मचारियों के वेतन समेत राष्ट्रपति के घरेलू संस्थापना से संबंधित व्यय का प्रावधान) के लिए है.
पिछले साल के बजट में अन्य व्यय के लिए 41.68 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था. बाद में संसोधित कर इसे बढ़ाकर 41.68 करोड़ रुपए कर दिया गया था. बजट के दस्तावेजों के मुताबिक, अन्य व्यय के तहत जारी बजट को पिछले साल की तुलना में 10.05 करोड़ रुपए घटाकर 36.22 कर दिया गया है. यह 2022-23 की तुलना में 36.22% कम है. हालांकि, सचिवालय के तहत जारी फंड को 15.39 करोड़ बढ़ाकर 37.93 करोड़ से 53.32 करोड़ कर दिया गया है.
ऐसे में अगर देखा जाए तो बजट में राष्ट्रपति कार्यालय के लिए और अन्य खर्च के लिए पिछले साल की तुलना में 5.34 करोड़ रुपये अधिक बजट का प्रावधान किया गया है.