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GST लागू हुआ तो 18% लगेगा सर्विस टैक्स, मोबाइल और रेस्त्रां बिल हो जाएंगे महंगे!

देश भर में वस्तु एवं सेवा टैक्स (GST) लागू होने के बाद सर्विस सेक्टर के टैक्स में इजाफे की संभावना है. राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने यह जानकारी देते हुए बताया कि अभी लिया जा रहा 15% का सर्विस टैक्स बढ़कर 18% हो जाएगा. इससे टेलीफोन और रेस्त्रां के बिल सहित विभिन्न सेवाएं महंगी हो जाएंगी.

राजस्व सचिव हसमुख अधिया राजस्व सचिव हसमुख अधिया

देश भर में वस्तु एवं सेवा टैक्स (GST) लागू होने के बाद सर्विस सेक्टर के टैक्स में इजाफे की संभावना है. राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने यह जानकारी देते हुए बताया कि अभी लिया जा रहा 15% का सर्विस टैक्स बढ़कर 18% हो जाएगा. इससे टेलीफोन और रेस्त्रां के बिल सहित विभिन्न सेवाएं महंगी हो जाएंगी.

अभी सर्विस सेक्टर में 14% टैक्स के साथ 0.5-0.5% स्वच्छ भारत सेस और कृषि कल्याण सेस लगाया जाता है. इस तरह सर्विस क्षेत्र को 15% टैक्स चुकाना होता है. इस पर अधिया ने कहा, 'हां, सर्विस सेक्टर के लिए टैक्स की मानक दर 18% तक बढ़ सकती है.'

हालांकि अधिया ने साफ किया कि वर्तमान में जिन क्षेत्रों को इससे छूट मिली है, वह जारी रह सकती है, जिसमें स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और कृषि क्षेत्र शामिल हैं. उन्होंने कहा, 'वर्तमान में जिन क्षेत्रों को छूट मिली है, हम उन्हें जारी रखने की कोशिश करेंगे. हमने परिषद के सामने इसकी सिफारिश की है, जो इस पर फैसला करेगी. संभावना है कि वे इसे स्वीकार करेंगे.'

अधिया ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि जिनकी सालाना आय 20 लाख रुपये से कम है, वे जीएसटी के तहत नहीं आएंगे और उन्हें कोई सर्विस टैक्स नहीं देना होगा. वर्तमान में 10 लाख रुपये से अधिक की आय पर सर्विस टैक्स चुकाना होता है.

जीएसटी कानून के अंतर्गत किसानों को, जो खुद व परिवारवालों के साथ खेती करते हैं और उनका कारोबार 20 लाख रुपये अधिक है, तो भी उन्हें जीएसटी के अंतर्गत नहीं रखा जाएगा. वर्तमान में रेशम उत्पादन, फूलों की खेती, दुग्ध उत्पादन, बागवानी और मछली पालन में बड़ी संख्या में बाहरी श्रमिकों की सेवाएं ली जाती हैं. फिलहाल उन्हें सेवा टैक्स से छूट मिली है. क्या जीएसटी में भी उन्हें यह छूट दी जाए या नहीं, इस पर अभी विचार किया जा रहा है.

अधिया ने कहा, 'हमने अभी तक छूट की सूची पर फैसला नहीं किया है. इस पर परिषद अलग से विचार करेगी. मैं नहीं समझता कि फिलहाल कृषि से जुड़े किसी क्षेत्र पर टैक्स लगाया जाएगा.' उन्होंने यह भी कहा कि जिन सेवाओं पर फिलहाल 15% से कम सर्विस टैक्स लगाया जा रहा है, उसे जारी रखने की कोशिश की जाएगी.

राजस्व सचिव ने यह भी कहा कि चूंकि पेट्रोल और पेट्रोलियम पदार्थों को GST के अंतर्गत शून्य शुल्क में रखा गया है, ऐसे में परिवहन पर 5% टैक्स लगाया जा सकता है. जीएसटी परिषद ने टैक्स के चार स्लैब तय किए हैं, 5%, 12%, 18% और 28%. इसके अलावा एक 0% का स्लैब भी है. वर्तमान में 60 सेवाओं को सेवा टैक्स से छूट मिली है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और धार्मिक यात्रा शामिल है.

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