देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) को पैसे की जरूरत आ पड़ी है. कंपनी ने 25,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है और इसकी जानकारी स्टॉक एक्सचेंजों को दी है.
कैसे जुटाएगी पैसा
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में बताया है कि वह कई टुकड़ों में नॉन कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCD) के द्वारा 25 हजार करोड़ रुपये जुटाएगी. इसके लिए कंपनी के बोर्ड ने मंजूरी भी दे दी है. हालांकि कंपनी ने इस बात का खुलासा नहीं किया है कि वह यह पैसा किसलिए जुटाया जा रहा है.
कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को गुरुवार को दी जानकारी में कहा है, 'यह सूचना हम देना चाहते हैं कि कंपनी के निदेशकों ने आज आयोजित बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है कि नॉन कन्वर्टिबल डिबेंचर्स जारी कर 25,000 करोड़ रुपये जुटाए जाएं. प्राइवेट प्लेसमेंट के आधार पर समय—समय पर यह राशि कई टुकड़ों में जुटाई जाएगी.'
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क्या होते हैं नॉन कन्वर्टिबल डिबेंचर
नॉन कन्वर्टिबल डिबेंचर एक प्रकार के बॉन्ड होते हैं. ये निवेश के साधन होते हैं जिनको इक्विटी शेयर या स्टॉक में नहीं बदला जा सकता. इनकी एक निश्चित मेच्यौरिटी अवधि होती है और इस पर ब्याज मासिक या सालाना दिया जाता है. इसमें निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिलता है, इनमें जोखिम कम होता है.
रिलायंस बनेगी कर्जमुक्त
हालांकि दिसंबर 2019 तक कंपनी के पास पर्याप्त कैश फ्लो भी रहा है. अगस्त 2019 में रिलायंस के एजीएम में इसके चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने शेयरधारकों को बताया था कि मार्च 2021 तक कंपनी को पूरी तरह से कर्जमुक्त बना दिया जाएगा.
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हाल में रिलायंस के प्रमोटर मुकेश अंबानी, उनकी पत्नी और तीन बच्चों की रिलायंस इंडस्ट्रीज में हिस्सेदारी बढ़ गई है. अंबानी परिवार ने एक अन्य प्रमोटर की इकाई के कुछ शेयर खरीदकर रिलायंस इंडस्ट्रीज में अपनी व्यक्तिगत हिस्सेदारी बढ़ाई है.