केंद्र सरकार द्वारा वस्तु एवं सेवा कर (GST) में लगातार दी जा रही छूट पर पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने निशाना साधा है. बुधवार को कई ट्वीट करते हुए पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि कल तक जो GST को सिंगल स्लैब में लाना एक बेवकूफाना विचार था, अब ये सरकार का घोषित लक्ष्य होता जा रहा है. पी. चिदंबरम ने बुधवार को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली के घोषित लक्ष्यों में किए गए बदलाव पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसे क्यों बदला जा रहा है.
उन्होंने कहा, "कल तक जीएसटी की उच्चतम दर 18 फीसदी अव्यवहारिक थी. कल से कांग्रेस पार्टी की 18 पर्सेंट उच्चतम दर की वास्तविक मांग सरकार का घोषित लक्ष्य हो गई है." उन्होंने कहा, "कल तक, मुख्य आर्थिक सलाहकार की मानक दर को 15 फीसदी करने की आरएनआर रिपोर्ट कूड़ेदान में थी. कल इसे निकाला गया और विदेश मंत्री की मेज पर पेश किया गया और तुरंत स्वीकार कर लिया गया."
कल तक जीएसटी की एकल दर एक मूर्खतापूर्ण विचार था। मगर, कल से यह सरकार का घोषित लक्ष्य है|
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) December 26, 2018
अरुण जेटली ने दिए थे संकेत
आपको बता दें कि पूर्व वित्त मंत्री ने ये ट्वीट वित्त मंत्री अरुण जेटली के सोमवार को यह संकेत देने के दो दिनों बाद ही किए हैं कि देश में अंतत: जीएसटी की मानक दर एक ही हो सकती है. उन्होंने कहा था कि जल्द ही लग्जरी और 'सिन गुड्स' को छोड़कर अन्य सभी वस्तुओं पर 28 फीसदी जीएसटी स्लैब खत्म किया जा सकता है.
उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में यह भी कहा कि मानक दर 12 से 18 फीसदी के बीच हो सकती है. जेटली का जीएसटी ब्लॉग तीन हिंदी भाषी राज्यों - छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान के चुनाव परिणाम आने के एक पखवाड़े के बाद आया है. 2019 के आम चुनाव से कुछ महीनों पहले आए ये चुनाव परिणाम केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में नहीं रहे थे.
आपको बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही GST काउंसिल के बैठक में कई वस्तुओं से GST कम किया था. इन वस्तुओं पर GST स्लैब 28 % से घटाकर 18 % कर दिया गया. 100 रुपये तक के सिनेमा टिकट पर GST घटाकर 12 फीसदी किया गया है, जबकि 100 रुपये से महंगे सिनेमा टिकट पर GST 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी किया गया है. GST रिटर्न दाखिल करने की नई प्रणाली एक जनवरी 2019 से लागू होगी.