के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की गुरुवार को हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. इस बैठक में ट्रस्टीज ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की. इसमें इक्विटी में निवेश खाताधारक के खाते में दिखाने को मंजूरी देने के साथ ही पीएफ ट्रांसफर करना आसान कर दिया गया है.
इस बैठक में पीएफ खाताधारकों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई. इस दौरान जहां कुछ मामलों में पीएफ खाताधारक को राहत मिली है. वहीं, इस वित्त वर्ष के लिए ब्याज दर तय करने पर कोई फैसला नहीं आया है. श्रम और रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष गंगवार की अध्यक्षता में सीबीटी की बैठक हुई.
जल्द हो जाएगा पीएफ फंड ट्रांसफर
में सबसे अहम फैसला ईपीएफओ के लिए केंद्रीय भुगतान व्यवस्था अपनाने को लेकर हुआ. इसके लिए सीबीटी ने उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत ईपीएफओ नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के साथ करार करेगा. इससे पीएफ भुगतान के लिए एक केंद्रीय व्यवस्था बनाई जाएगी.
एक ही दिन में एनपीसीआई के जरिये पीएफ फंड को लाभार्थी को ट्रांसफर कर पाएगा. मौजूदा समय में ईपीएफओ विकेंद्रीकृत व्यवस्था के आधार पर काम करता है. इसकी वजह से लेनदेन के लिए संगठन को ज्यादा खर्च करना पड़ता है. इसके अलावा असफल हुए लेनदेन को वापस करने में भी दिक्कतें पेश आती हैं. नई व्यवस्था से उम्मीद जताई जा रही है कि वह इन सभी परेशानियों को दूर करेगी.
आपके खाते में आएंगी ईटीएफ यूनिट
सीबीटी ने उस प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है, जिसके तहत यूनिट्स को लाभार्थी के पीएफ खाते में डालने की बात कही जा रही थी. इस फैसले के बाद अगले साल मार्च से पीएफ खाताधारक ईटीएफ यूनिट को अपने खाते में देख सकेंगे. इस दौरान उन्हें यह भी पता चल सकेगा कि उनकी यूनिट्स पर वह क्या हासिल कर रहे हैं. बता दें कि ईपीएफओ के 4.5 करोड़ से ज्यादा सदस्य हैं.
पेंशनभोगियों को मिली राहत
मीटिंग के इतर ईपीएफओ ने पेंशनभोगियों के हित में एक अहम फैसला लिया है. ईपीएफओ ने पेंशनभोगियों की परेशानी दूर करने के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने के नियमों में ढील दी है। ईपीएफओ ने अपने बयान में कहा है कि अगर कोई पेंशनभोगी डिजिटल तरीके से जीवन प्रमाणपत्र जमा न कर सकने की उचित वजह बता सकेगा, तो उससे हाजिर रूप में भी प्रमाणपत्र स्वीकार कर लिया जाएगा.
इसके अलावा ने कहा कि जिन्होंने पिछले साल डिजिटल तरीके से प्रमाणपत्र दिया है. उन्हें मौजूदा वर्ष के लिए ऐसा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. ऐसे लोगों को उन बैंक शाखाओं में प्रमाणपत्र जमा कराना होगा, जहां उनकी पेंशन आती है. ये लोग डिजिटल या फिर हार्ड कॉपी के तौर पर यहां प्रमाणपत्र जमा करा सकेंगे.
ब्याज दर नहीं की तय
सीबीटी की बैठक से उम्मीद की जा रही थी कि इस वित्त वर्ष के लिए ब्याज दर तय की जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. ऐसे में ब्याज दर तय होने के लिए पीएफ खाताधारकों को कुछ और समय इंतजार करना पड़ेगा.
ऐसी उम्मीद जताई जा रही थी कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की तरफ से वित्त वर्ष 2017-18 के लिए सब्सक्राइबर्स को कम ब्याज मिल सकता है. सेंट्रल बोर्ड की मीटिंग में ब्याज दर 8.5 फीसदी तय होने का अनुमान जताया जा रहा था. हालांकि फिलहाल इस पर कोई चर्चा नहीं हुई
आधार-UAN लिंक का लिया जायजा
सीबीटी ने अपनी बैठक में आधार को यूएएन से लिंक करने का भी जायजा लिया. इस दौरान इस व्यवस्था को और भी बेहतर और सुगम बनाने की बात कही गई. बता दें कि अगर आप अपना पीएफ अकाउंट आधार से लिंक कर सकते हैं, तो आप सिर्फ 5 दिन के अंदर अपना पीएफ विद्ड्रॉ कर सकते हैं.