कोरोना संकट की वजह से आम लोगों के जीवन में कई तरह की चुनौतियां आ गई हैं. इसमें एक सबसे बड़ा संकट नकदी से जुड़ा है. भविष्य निधि पीएफ फंड से पैसे निकासी के आंकड़े बताते हैं कि लोग पैसे की कमी से जूझ रहे हैं. हालांकि, रिजर्व बैंक की ओर से इस संकट को दूर करने के लिए तमाम प्रयास किए गए हैं.
उदाहरण के लिए ब्याज दरों में कटौती कर लोन लेने की प्रक्रिया को आसान किया गया है. इसी तरह, लोन की मासिक किस्त देने वाले लोगों को 3 महीने की मोहलत का विकल्प दिया गया है. इन सबके बीच, बैंकों ने ग्राहकों की क्रेडिट कार्ड लिमिट को कम करना शुरू कर दिया है. देश के कुछ निजी बैंकों ने अलग-अलग कटैगरी के ग्राहकों की क्रेडिट कार्ड लिमिट 80 फीसदी तक घटा दी है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
BankBazaar.com के सीईओ आदिल शेट्टी ने बताया कि ये कोई पहली बार नहीं हो रहा है. इससे पहले भी क्रेडिट कार्ड की लिमिट घटाई गई है. लेकिन कोविड-19 का संकट बढ़ने की वजह से इस बार बैंक ज्यादा सचेत नजर आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि बैंक ग्राहकों की कमाई, सिबिल स्कोर और पेमेंट हिस्ट्री के आधार पर क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाते या घटाते रहते हैं. लेकिन वर्तमान हालात में लिमिट घटाए जाने से ग्राहकों को जरूर झटका लगा है.
क्या है वजह?
रिपोर्ट की मानें तो जो ग्राहक लोन पर पेमेंट से तीन महीने की मोहलत का लाभ ले रहे हैं, वैसे ग्राहकों के लिए क्रेडिट कार्ड लिमिट घटाया जा रहा है. बैंकों का मानना है कि ऐसे ग्राहकों के पास पैसे की कमी होगी. इस हालात में ग्राहक वित्तीय जरूरतें पूरी करने को क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करेंगे और भुगतान में देरी होगी. इसी तरह, क्रेडिट कार्ड के कम इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की लिमिट में भी कटौती हो रही है.
आपको क्या करना चाहिए?
एक्सपर्ट आदिल शेट्टी के मुताबिक अगर आपको क्रेडिट कार्ड की लिमिट बरकरार रखनी है तो कार्ड के पैसे खर्च करने के साथ ही समय पर पेमेंट करें. अगर आप कुछ महीनों से 50 फीसदी से ज्यादा राशि खर्च करने के साथ समय पर भुगतान करते रहे हैं तो आपकी क्रेडिट लिमिट पर कभी संकट नहीं आएगा. इससे आपका सिबिल स्कोर भी सही रहेगा.
ये पढ़ें: 3 माह तक ईएमआई की छूट लें या नहीं? जानें—ऐसे 10 सवालों के जवाब
आदिल शेट्टी ने बताया कि समय-समय पर सिबिल स्कोर चेक करते रहना चाहिए. अगर इसमें कोई गड़बड़ी महसूस हो तो कारणों की जांच करें. आदिल शेट्टी की सलाह है कि क्रेडिट कार्ड के बकाए का हरसंभव भुगतान करने का प्रयास करें. ऐसा करने से ये संभव है कि बैंक आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ा दे.
क्रेडिट कार्ड पर भी मिली है मोहलत
बता दें कि केंद्रीय रिजर्व बैंक के कहने पर बैंकों ने लोन के अलावा क्रेडिट कार्ड पेमेंट पर भी 3 महीने की मोहलत दे रखी है. मतलब ये कि अगर आपने 3 महीने तक क्रेडिट कार्ड का पेमेंट नहीं किया तो बैंकों की ओर से दबाव नहीं बनाया जाएगा और सिबिल स्कोर पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा.
पेमेंट नहीं करने से फायदा या नुकसान
क्रेडिट कार्ड धारकों को पेमेंट अभी भी वक्त पर कर देना चाहिए, इससे उन्हें काफी बचत होगी. क्योंकि अगर तीन महीने तक ग्राहक कार्ड का पेमेंट नहीं करता है तो फिर चौथे महीने में पिछले तीन महीने के अमाउंट के साथ-साथ ब्याज भी चुकाना पड़ेगा. बैंक क्रेडिट कार्ड पर मनमाने तरीके से ब्याज दर वसूलता है, यह ब्याज दर 40 फीसदी तक भी हो सकती है. ऐसे में ग्राहक ब्याज की जाल में फंस जाएगा. अच्छा और बेहतर विकल्प है कि तय समय पर ही क्रेडिट कार्ड का बिल जमा कर दें.