अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने साल 2008 की मंदी के बाद पहली बार ब्याज दरें घटाई हैं. अर्थव्यवस्था में फिर किसी गिरावट की आशंका से बचने के लिए फेडरल रिजर्व ने यह कदम उठाया है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्याज दरों को 2 से 2.25 के बीच रखना तय किया गया है, जिसका असर क्रेडिट कार्ड और कई तरह के लोन पर होगा.
फेडरल रिजर्व ने बेंचमार्क दरों में करीब चौथाई फीसदी की कटौती कर दी है. फेड की इस घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और सोने की कीमत में गिरावट आ गई. कच्चा तेल 1.06 डॉलर प्रति बैरल घटकर 63.99 डॉलर पर पहुंच गया. अमेरिका में अक्टूबर के लिए गोल्ड फ्यूचर का निपटान 0.4 फीसदी घटकर 1,431.80 डॉलर प्रति औंस हुआ है.
इस खबर से अमेरिकी बाजार निराश हुआ है और वहां के शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है. इसकी वजह यह है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि फेडरल रिजर्व बस ब्याज में कटौती कर रहा है और अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए राहत पैकेज जैसी उम्मीद न की जाए.
....As usual, Powell let us down, but at least he is ending quantitative tightening, which shouldn’t have started in the first place - no inflation. We are winning anyway, but I am certainly not getting much help from the Federal Reserve!
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) July 31, 2019
फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के नेतृत्व में हुई अमेरिकी नीति-नियंताओं की बैठक में इस ब्याज दरों में मामूली कटौती के निर्णय के समर्थन में 8 और विरोध में 2 वोट पड़े. केंद्रीय बैंक ने भरोसा दिया कि 'देश के इतिहास के सबसे बड़े आर्थिक विस्तार को बनाए रखने के लिए उपयुक्त कदम उठाए जाएंगे.'
अमेरिकी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप इस रेट कट के लिए कई महीने से दबाव बना रहे थे. उन्होंने एक तरह से परंपरा तोड़ी है, क्योंकि इसके पहले के राष्ट्रपति केंद्रीय बैंक को राजनीतिक दबाव से मुक्त रखते थे.
फेडरल रिजर्व बैंक को उम्मीद है कि ब्याज दरों में कटौती अमेरिकी अर्थव्यवस्था को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी डोज साबित होगी, क्योंकि उसके पास पहले से ही काफी सीमित हथियार हैं.
फेडरल रिजर्व ने अपने 3.8 ट्रिलियन डॉलर के एसेट पोर्टफोलियो में कटौती को भी अब 1 अगस्त से विराम देने की घोषणा की है. यह समय- सीमा से दो महीने पहले कर दिया गया.