स्पेन की सरकार ने मंगलवार को देश में गहराते आवास संकट के समाधान के लिए एक योजना को मंजूरी दी है, जिसे प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम माना जा रहा है. अगले साल होने वाले चुनावों से पहले आवास की कमी और कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी सांचेज़ सरकार की सबसे बड़ी कमजोरियों में से एक बनकर उभरी है.
इसी दबाव को देखते हुए सरकार ने ऐसी नीतियां पेश की हैं जिनका उद्देश्य युवाओं और मध्यम वर्ग के लिए किफायती घर उपलब्ध कराना और आसमान छूते किराये पर लगाम लगाना है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस योजना की सफलता सांचेज़ के चुनावी भविष्य को तय करने में अहम भूमिका निभाएगी.
स्पेन में घरों की किल्लत और बढ़ती महंगाई के कारण जनता में बढ़ते असंतोष को कम करने के लिए सरकार अब बड़े पैमाने पर सार्वजनिक आवास निर्माण और किराये के बाजार को विनियमित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है. ऐसे में यह योजना न केवल वहां के रियल एस्टेट सेक्टर को प्रभावित करेगी, बल्कि आगामी चुनावों में मतदाताओं के भरोसे को जीतने का एक बड़ा दांव भी साबित हो सकती है.
यह भी पढ़ें: मेट्रो सिटीज बजट से बाहर, कम पैसे में इन शहरों में खरीदें घर, मिलेगा बंपर किराया!
बेतहाशा बढ़े किराए
हाल ही में आई आर्थिक तेजी के बावजूद, घरों की बढ़ती कीमतों और महंगे किराये ने कई स्पेनिश नागरिकों को बाजार से बाहर कर दिया है. लोगों की आय उस रफ्तार से नहीं बढ़ी है जिस तेजी से घरों के दाम बढ़े हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन में उछाल और प्रवासियों के कारण शहरों में बढ़ती आबादी ने घरों की आपूर्ति पर दबाव और ज्यादा बढ़ा दिया है.
इस संकट से निपटने के लिए सरकार ने 7 अरब यूरो (लगभग 8.23 अरब डॉलर) की एक नई योजना तैयार की है, जिसके तहत अगले चार वर्षों में सार्वजनिक आवास में निवेश को तीन गुना कर दिया जाएगा. यह योजना यह भी सुनिश्चित करती है कि सब्सिडी वाले घरों को कुछ वर्षों बाद 'सामान्य श्रेणी' में नहीं बदला जा सकेगा. इसके अलावा, इस नई नीति में युवा किरायेदारों और घर खरीदने वालों के लिए विशेष सहायता के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं.
सरकार के अनुसार, इस राशि का लगभग 40% हिस्सा सार्वजनिक आवास की आपूर्ति बढ़ाने के लिए निर्धारित किया जाएगा, क्योंकि यूरोपीय औसत की तुलना में स्पेन में इसकी काफी कमी है. वहीं, योजना का 30% हिस्सा संपत्तियों के नवीनीकरण के लिए सुरक्षित रखा जाएगा. इसमें घरों को ऊर्जा-कुशल बनाने और देश के कम आबादी वाले क्षेत्रों में निर्माण कार्य करने के लिए फंड शामिल किया जाएगा.
यह भी पढ़ें: प्रेमी ने दिया धोखा, तो महिला ने न्यूयॉर्क में खड़ी की अरबों की रियल एस्टेट कंपनी