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किराए का घर लेने से पहले ये बातें नहीं जानीं, तो बाद में पछताएंगे, अनजान शहर में ठगी से ऐसे बचें

किराए के घर की तलाश करना बेहद मुश्किल काम होता है. इसलिए अगर आप अपने लिए घर की तलाश कर रहे हैं, तो कुछ बेसिक बातें जानना बेहद जरूरी है जिससे आपको भविष्य में कोई परेशानी नहीं होगी.

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अनजान शहर में कैसे लें किराए का घर (Photo-ITG)
अनजान शहर में कैसे लें किराए का घर (Photo-ITG)

किसी भी नए और अनजान शहर में शिफ्ट होते ही इंसान की सबसे पहली जरूरत होती है एक घर की. अब घर खरीदना हर किसी के लिए तुरंत संभव नहीं होता, इसलिए किराए के मकान की तलाश शुरू होती है, लेकिन एक अजनबी शहर में अपनी जरूरतों और बजट के हिसाब से सही घर खोजना किसी चुनौती से कम नहीं है.

अगर आप पहली बार घर से बाहर निकल रहे हैं, तो यह प्रक्रिया आपको उलझा सकती है. आपकी इसी मुश्किल को आसान बनाने के लिए हम लाए हैं कुछ जरूरी टिप्स, जो सही घर चुनने में आपकी मदद करेंगे.

लोकेशन का चुनाव

घर की तलाश करते पहले सबसे जरूरी होता है लोकेशन का चुनाव करना, आपका दफ्तर किस जगह पर है, आपके बच्चों का स्कूल कितना दूर है. ये सारी प्राथमिकताएं सबसे पहले रखनी चाहिए, क्योंकि अगर आपका घर दूर होगा तो आप को आने जाने में ही ज्यादा वक्त देना पड़ेगा, जिससे आपको थकान होगी, इसलिए घर थोड़ा महंगा सही, लेकिन अपने ऑफिस के करीब होना सही रहेगा, साथ ही वहां से मेट्रो, बस या पब्लिक ट्रांसपोर्ट कैसा है ये भी पता करना जरूरी है. आस-पास ग्रॉसरी स्टोर, मेडिकल शॉप और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाओं की मौजूदगी जरूर चेक करें.

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सुरक्षित माहौल

आज जिस जगह पर घर ले रहे हैं वहां की सुरक्षा भी बेहद जरूरी है. उस इलाके का माहौल कैसा है, वहां से रात में आना-जाना कितना सुरक्षित है ये सारी बातें अगर सुरक्षा के पैमाने पर खरी उतरती हैं तो वो इलाका आपके लिए सही होगा. वर्ना आप बेवजह की मुसीबत में फंस सकते हैं. 

बजट भी है जरूरी

अब अगर किराए पर घर ले रहे हैं तो उसका बजट भी आपको देखना जरूरी है. कोशिश करें कि आपके घर का किराया आपकी सैलरी का 25 से 30 फीसदी ही हो, क्योंकि इससे ज्यादा पैसे अगर आप किराए पर खर्च करेंगे तो आपका बजट हिल सकता है. किराए के साथ-साथ आपको डिपोजिट भी देना होता है उसके अलावा घर शिफ्टिंग में जो खर्चे आते हैं उसका भी पूरा हिसाब बनाकर रखें. वहीं अगर आप ब्रोकर की मदद से घर ले रहे हैं तो ब्रोकरेज के पैसे भी जोड़कर रखें, क्योंकि ब्रोकर एक महीने का पैसा लेते हैं. 

घर की फिजिकल चेकिंग 

आजकल वक्त की कमी के चलते अगर लोग तस्वीरें देखकर ही घर की बुकिंग कर लेते हैं, लेकिन तस्वीरों के भरोसे रहने के बजाय घर जाकर खुद मुआयना करें. दीवारों की सीलन, नल और पाइप की लीकेज, बिजली के स्विच और वायरिंग की जांच जरूर करें, इसके अलावा, यह भी देखें कि घर में धूप और हवा पर्याप्त है या नहीं. अगर आप फर्निश्ड घर ले रहे हैं, तो फ्रिज, सोफा या गीजर जैसे सामानों की वर्किंग कंडीशन चेक करना न भूलें.

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रेंट एग्रीमेंट की शर्तें

अनजान शहर में कानूनी सुरक्षा बहुत जरूरी है. घर लेते समय रेंट एग्रीमेंट जरूर बनवाएं, इससे आप आगे चलकर किसी मुसीबत में नहीं फंसेगे. इसमें नोटिस पीरियड, रेंट बढ़ने की दर और मकान मालिक के दखल से जुड़ी शर्तों का साफ जिक्र होना चाहिए. मौखिक बातों के बजाय लिखित एग्रीमेंट पर ही भरोसा करें, ताकि भविष्य में कोई विवाद न हो. 


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