दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने बाहरी दिल्ली के नरेला इलाके में कुछ दिन ज्यादातर फ्लैट बिक गए हैं. जिस इलाके में डीडीए सालों से खरीदार खोजने के लिए संघर्ष कर रहा था, वहां 'कर्मयोगी आवास योजना 2025' ने सफलता के झंडे गाड़ दिए हैं. 14 जनवरी को बुकिंग शुरू होने के मात्र एक सप्ताह के भीतर, इस योजना के तहत पेश किए गए कुल 1,165 फ्लैटों में से लगभग 65% फ्लैट बिक चुके हैं. यह पहली बार है जब नरेला जैसे क्षेत्र में प्रीमियम कैटेगरी के फ्लैटों को लेकर इतनी जबरदस्त दिलचस्पी देखी गई है.
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सरकारी कर्मचारियों के लिए 25% की भारी छूट
यह विशेष आवास योजना पिछले महीने विशेष रूप से कार्यरत और सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों के लिए शुरू की गई थी. इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इन "रेडी-टू-मूव-इन" फ्लैटों पर मिलने वाला सीधा 25% का डिस्काउंट है. रियायती दरों और बेहतर सुविधाओं के कारण ही यह प्रोजेक्ट उन खरीदारों को आकर्षित करने में सफल रहा, जो अब तक नरेला में निवेश करने से कतरा रहे थे.
बुकिंग के आंकड़ों पर नजर डालें तो किफायती वर्ग के 1-BHK फ्लैट्स की मांग सबसे अधिक रही. योजना के तहत कुल 319 एक बेडरूम वाले फ्लैट पेश किए गए थे, जो बुकिंग के पहले ही दिन पूरी तरह सोल्ड-आउट हो गए. इन फ्लैटों की बिक्री से डीडीए ने लगभग 108 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है.
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प्रीमियम कैटेगरी में भी बढ़ी दिलचस्पी
नरेला में आमतौर पर 2-BHK और 3-BHK फ्लैट्स बेचना एक बड़ी चुनौती रहा है, लेकिन इस बार रुझान बदला हुआ है. आंकड़ों 2-BHK 552 इकाइयों में से 333 फ्लैट बुक हो चुके हैं, जिससे 266 करोड़ रुपये की कमाई हुई. वहीं 3BHK के 271 प्रीमियम फ्लैटों में से 106 बिक गए हैं, जिसने 115 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया है. कुल मिलाकर, अब तक सभी सेगमेंट से डीडीए को 489 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई है.