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बिजनेस

अब बिना LPG के भी जलेगा चूल्‍हा, मोदी सरकार की ये है तैयारी

अब बिना LPG के भी जलेगा चूल्‍हा, मोदी सरकार की ये है तैयारी
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आने वाले दिनों में घरो में खाना पकाने के लिए एलपीजी गैस की जरुरत नहीं होगी. इसके लिए सरकार की ओर से खास तैयारी की जा रही है.
अब बिना LPG के भी जलेगा चूल्‍हा, मोदी सरकार की ये है तैयारी
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नीति आयोग के सदस्य वी के सारस्वत के मुताबिक अब मेथनॉल को घरों में खाना पकाने के ईंधन के तौर पर इस्‍तेमाल किया जा सकेगा. इस प्रयोग की शुरुआत असम से हो चुकी है. उन्‍होंने बताया कि उत्‍तर प्रदेश सरकार से भी इस संबंध में बातचीत की जा रही है और यूपी के अलावा असम में मेथनॉल से चलने वाली 70,000 गैस स्टोव वितरित किए जाएंगे.
अब बिना LPG के भी जलेगा चूल्‍हा, मोदी सरकार की ये है तैयारी
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वी के सारस्वत ने बताया , ‘‘ हम मेथनॉल को खाने पकाने के ईंधन के रूप में उपयोग पर गौर कर रहे हैं और यही वजह है कि हमने असम पेट्रो कॉम्प्लेक्स में 500 परिवार को मेथनॉल चालित गैस चूल्हा दिया है. ’’ उन्‍होंने आगे कहा कि असम के बाद हमारा फोकस उत्तर प्रदेश होगा. पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में इस चूल्‍हे का वितरण किया जाएगा.  उसके बाद महाराष्ट्र में वितरण होगा.
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सारस्वत के मुताबिक मेथनॉल ईंधन से चलने वाले खाने पकाने का चूल्हा बनाने का कारखाना बेंगलुरु और असम में लगाया जाएगा.  इसके लिए टेक्‍नोलॉजी स्वीडन से ली गई है.  उन्‍होंने यह भी कहा कि फिलहाल कमर्शियल उपयोग के लिए बड़े स्टोव का आयात किया जाएगा.
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सारस्वत ने यह भी बताया कि भारत पेट्रोल में 15 प्रतिशत मेथनॉल मिलाने को तैयार है.  आयोग जल्द ही यात्री वाहनों के लिए मेथनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग को अनिवार्य बनाने को लेकर कैबिनेट नोट लाएगा. नीति आयोग सदस्य ने यह भी घोषणा की कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय 60 बसें पेश करेगी जो मेथनॉल से चलेंगी. शुरू में इन बसों को आयात किया जाएगा और इसके छह महीने में सड़कों पर आने की संभावना है.
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