मंगलवार को शेयर बाजार में रिकवरी के बाद बुधवार को बाजार में भारी गिरावट रही. सेंसेक्स 1,300 अंक से अधिक गिर गया, जबकि निफ्टी 23,900 अंक से नीचे बंद हुआ. बीएसई टॉप 30 शेयरों में से 2 शेयर तेजी पर रहे और बाकी 28 स्टॉक्स में गिरावट आई.
बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, भारती एयरटेल और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे शेयरों ने इस गिरावट में ज्यादा योगदान दिया है. सेंसेक्स 1,342.27 अंक या 1.72% गिरकर 76,863.71 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 394.75 अंक या 1.63% गिरकर 23,866.85 पर बंद हुआ. लगभग 1,807 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, 2,277 शेयरों में गिरावट आई और 138 शेयर अपरिवर्तित रहे. ऑटो, बैंक, आईटी और फाइनेंशियल सेक्टर्स में ज्यादा दर्द दिखाई दे रहा है. लेकिन यह गिरावट क्यों आई है? आइए जानते हैं...
निवेशकों को तगड़ा नुकसान
बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन में भारी गिरावट आई है. कल निवेशकों को 6 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई थी, लेकिन बुधवार को ये कमाई साफ हो गई. बीएसइ माकेट कैपिटलाइजेशन मंगलवार को 447 लाख करोड़ रुपये था, जो 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घटकर 441.90 लाख करोड़ रुपये पर आ गया.
शेयर बाजार में क्यों आई बड़ी गिरावट?
एफआईआई की सेलिंग
10 मार्च को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 4,673 करोड़ रुपये की नेट सेलिंग जारी रखी, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 6,333 करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीदारी की.
प्रॉफिट बुकिंग
पिछले सत्र में व्यापक खरीदारी और वैश्विक जोखिम कारकों को लेकर कम होती चिंताओं के चलते बेंचमार्क इंडेक्स ने गिरावट के बाद तेजी दर्ज की.निफ्टी 50 लगभग 24,261 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 78,206 के करीब स्थिर हुआ. निवेशकों के सकारात्मक रुझान के चलते दोनों इंडेक्स में मामूली बढ़त देखी गई.
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्राइम रिसर्च के प्रमुख देवर्ष वकील ने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता अभी भी काफी हद तक बनी हुई है और यही कारण है कि बाजार मूल रूप से तनाव में हैं. बुधवार को 16 प्रमुख क्षेत्रों में से आठ में गिरावट दर्ज की गई, जिनमें दिग्गज बैंक एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक में 1.4% की गिरावट आई. स्मॉलकैप शेयरों में 0.5% की वृद्धि हुई जबकि मिडकैप शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ.
मिलाजुला असर
मिडिल ईस्ट संकट ने निवेशकों को चिंतित कर रखा है, क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर ऐसे हमले किए हैं जिन्हें कुछ लोग युद्ध के सबसे भीषण हमले बता रहे हैं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को कहा कि यह संघर्ष जल्द ही समाप्त हो सकता है.
इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के बाद तेल की कीमतों में अल्पकालिक गिरावट आई, जिसमें बताया गया कि अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने कच्चे तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए तेल भंडार की रिकॉर्ड मात्रा में निकासी का प्रस्ताव दिया है, जिससे वैश्विक शेयरों को कुछ राहत मिली है.
भारत में VIX में तेजी
बाजार की अस्थिरता का सूचकांक इंडिया वीआईएक्स 11 मार्च को 8% से अधिक बढ़कर 20.5 पर पहुंच गया, जो दर्शाता है कि बाजार अल्पकालिक अस्थिरता की उम्मीद कर रहा है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)