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Silver All Time High: ...तो इसलिए नहीं रुक रही चांदी, सट्टेबाजी का चल रहा खेल? अब फिर नया रिकॉर्ड

चांदी की कीमत रुकने का नाम नहीं ले रही है. अब इंटरनेशनल मार्केट में चांदी की कीमत 100 डॉलर के पार पहुंच गई है. जानकारों का कहना है कि यह कीमतें सट्टेबाजी में उछाल और हेजिंग डिमांड के कारण बढ़ी हैं.

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चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड. ( Photo: Reuters)
चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड. ( Photo: Reuters)

चांदी में आखिर क्‍या खेल चल रहा है? यह सवाल आजकल हर किसी निवेशक के मन में चल रहा है, क्‍योंकि इसकी कीमतें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. 1 महीने में ही चांदी 1 लाख रुपये चढ़ चुकी है, जबकि हफ्तेभर में ही इसमें करीब 40 हजार रुपये की तेजी आई है. वहीं शेयर बाजार में निवेशकों को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है. 

मल्‍टी कमोडिटी मार्केट (MCX) में शुक्रवार को चांदी 3.40 लाख रुपये के करीब पहुंच गई थी. हालांकि बाद में यह 3.34 लाख रुपये पर बंद हुई. इस बीच, इंटरनेशनल मार्केट में भी चांदी ने रिकॉर्ड हाई बना दिया है. पहली बार चांदी 100 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंची है. तेजी से उतार-चढ़ाव के कारण निवेशक भी चांदी में निवेश से सतर्क हैं. 

सट्टेबाजी और हेजिंग डिमांड के कारण रिकॉर्ड पर चांदी
विशेषज्ञों का कहना है कि जियो-पॉलिटिकल टेंशन और ग्‍लोबल स्‍तर पर फाइनेंशियल स्‍टैबिलिटी को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच निवेशकों के कीमती धातुओं की ओर बढ़ने से चांदी ने इस ऐतिहासिक लेवल को पार किया है. हाजिर चांदी की कीमतें एक ही सत्र में 4% से अधिक बढ़कर 100 डॉलर प्रति औंस के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गईं. मार्च वायदा चांदी के भाव में भी लगभग 4% की वृद्धि हुई और यह 100.06 डॉलर पर स्थिर हुआ, जो मजबूत सट्टेबाजी और हेजिंग डिमांड के कारण है.  

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चांदी में सट्टेबजी का क्‍या मतलब है? 
चांदी में सट्टेबाजी क्‍यों बढ़ी है, ये जानने से पहले यह जान लेना चाहिए कि चांदी में सट्टेबाजी का मतलब क्‍या है? दरअसल, जब किसी खबर या उम्‍मीद के कारण किसी चीज में ज्‍यादा से ज्‍यादा दांव लगाया जाता है तो वह सट्टेबाजी के कैटेगरी में आता है. इसी तरह, बजट में चांदी की ड्यूटी पर छूट, चांदी पर एक्‍सपर्ट्स के बड़े टारगेट और इंडस्ट्रियल डिमांड की चर्चा के कारण चांदी को लेकर कमोडिटी मार्केट में ज्‍यादा से ज्‍यादा दांव लगाए जा रहे हैं या यूं कहें कि चांदी में सट्टेबाजी की संख्‍या तेजी से बढ़ी है.  

चांदी में क्‍यों बढ़ रही सट्टेबाजी? 
कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि चांदी का 'ड्युअल कैरेक्टर' इसे सट्टेबाजों के लिए ऑकर्षक बना रहा है. चांदी न केवल कीमती धातु है, बल्कि यह एक अहम इंडस्ट्रियल मेटल के तौर पर भी जाना जा रहा है. सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), सेमीकंडक्टर, 5G टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. इसी कारण निवेशक ज्‍यादा रिटर्न की लालच में आक्रामक तरीके से सिल्‍वर में पोजिशन बना रहे हैं. 

कम लिक्विडिटी, ज्यादा उतार-चढ़ाव 
सोने की तुलना में चांदी का मार्केट बहुत ही छोटा है. जानकारों का कहना है कि इसमें थोड़ी सी खरीद या बिकवाली कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव ला सकती है. एमसीएक्‍स और इंटरनेशनल मार्केट में चांदी में एफ एंड ओ के जरिए तेजी से पैसा आ रहा है. रिटेल निवेशक भी इसमें तेजी से पार्टिसिपेट कर रहे हैं. कम मार्जिन में ट्रेडिंग, सोशल मीडिया और यूट्यूब पर तेजी के अनुमान ने छोटे निवेशकों को भी चांदी की ओर खींचा है. 

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हेजिंग डिमांड भी बढ़ी
चांदी में सिर्फ सट्टेबाजी ही हावी नहीं है, बल्कि हेजिंग डिमांड भी चांदी की कीमतों को सपोर्ट कर रहा है. वैश्विक स्तर पर जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता बढ़ी है. रूस-यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट में तनाव, अमेरिका-चीन व्यापार विवाद और यूरोप की आर्थिक सुस्ती ने निवेशकों को सुरक्षित विक्‍ल्‍प तलाशने पर मजबूर किया है. हालांकि सेंट्रल बैंक मुख्य रूप से सोना खरीदते हैं, लेकिन हेज फंड्स, फैमिली ऑफिस और बड़े संस्थागत निवेशक चांदी को भी पोर्टफोलियो में शामिल कर रहे हैं. 

सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की कंपनियां भी चांदी की फ्यूचर प्राइस को लेकर परेशान है. उन्‍हें डर है कि चांदी की कीमतें और भी पार कर सकती है. ऐसे में ये कंपनियां पहले से ही चांदी को खरीदकर रख रही हैं, ताकि उन्‍हें फ्यूचर में ज्‍यादा दाम पर नहीं खरीदना पड़े. इस कारण से भी चांदी की कीमतें तेजी से भाग रही हैं. 

चांदी का आगे क्‍या होगा?
एक्‍पर्ट्स का मानना है कि चांदी में मौजूदा लेवल तेजी वाला है, लेकिन रिस्‍क भी भरा है. अगर इंडस्ट्रियल डिमांड मजबूत बनी रहती है और सोना स्थिर रहता है, तो चांदी में और उछाल संभव है, लेकिन अगर ग्‍लोबल इकोनॉमी में संकट गहराता है या रिस्‍क से बचने का माहौल बनता है तो कीमतों में भारी गिरावट की संभावना है. एक्‍सपर्ट्स के मुताबिक चांदी में लंबी अवधि के लिए सीमित हिस्‍सेदारी के साथ निवेश कर सकते हैं.

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