Vegetable Price Hike in India: राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक सब्जियों के दामों में भयंकर वृद्धि देखने को मिल रही है. कीमतों में बढ़ोतरी होलसेल मार्केट से लेकर रिटेल मार्केट तक है. टमाटर पर सबसे अधिक महंगाई की मार है. पेट्रोल-डीजल के भाव में बढ़ोतरी का असर अब लोगों की रसोई पर भी नजर आ रहा है.
सब्जियों की बढ़ती कीमतों पर गाजीपुर मंडी में मौजूद एक दुकानदार ने कहा, ‘होलसेल बाजार में टमाटर अब 60 रुपये है, बारिश का असर टमाटर पर भी पड़ा है, टमाटर कम आ रहा है, पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ी हैं, जिसका असर सब्जियों के दाम पर भी नजर आ रहा है’.
Delhi: Vegetable prices soar in the national capital.
— ANI (@ANI)
"The price of tomatoes in wholesale is Rs 60 per Kg. Rain has disrupted the production & supply chain plus increased price of petrol and diesel also plays a role in surge" says a vendor from Gazipur vegetable market
कुल मिलाकर अगर कोई सब्जी होलसेल मार्केट में 10 से 15 के बीच है तो वह रिटेल में 15 से 20 रुपये प्रति किलो मिल रही है. कर्नाटक और महाराष्ट्र में बारिश हुई है, जिस कारण प्याज और टमाटर की खेती को काफी नुकसान हुआ है. यही वजह है कि देश के दूसरे राज्यों को इसकी सप्लाई का असर पड़ा है, देश के कई राज्यो में सब्जी महंगी हुई है.
राजधानी दिल्ली में टमाटर की बात करें तो लोगों को करीब 80 रुपये किलो तक खरीदना पड़ रहा है. वहीं, यूपी के कानपुर में भी सब्जियों की कीमत में भी भी वृद्धि हुई है. महिलाओं का कहना है कि सब्जियां पहले से काफी महंगी हो गई हैं, तोरई, भिंडी, आलू और प्याज के दाम भी बढ़ गए हैं’.
उत्तर प्रदेश: कानपुर में सब्ज़ियों के दामों में बढ़ोतरी हुई है।
— ANI_HindiNews (@AHindinews)
एक महिला ग्राहक ने बताया, "सब्ज़ियां पहले से काफ़ी महंगी हो गई हैं। तरोई, भिंडी, आलू, प्याज और सभी सब्ज़ियों के दाम पहले से ज़्यादा बढ़ गए हैं।"
वहीं, धनिया की कीमतों में भी हाल में भारी वृद्धि देखने को मिली है, हाल ही इसमें इसकी कीमत 200 रुपये तक हो गई थी. मध्य प्रदेश के खरगौन में तो 200 रुपये और भोपाल में 150 रुपये तक धनिया बिका था.
धनिया 300 रुपये किलो
वहीं, यूपी में टमाटर 50 से लेकर 60 के बीच बिक रहा है, आलू 20 रुपये किलो बिक रहा है. धनिया की कीमत बरेली में 300 रुपये तक दर्ज की गई. यानी साफ है कि सब्जियों के दाम में वृद्धि देखने को मिली है. इसके पीछे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हो रहे इजाफे के साथ किराया भाड़ा में हो रही बढ़ोतरी को प्रमुख कारण माना जा रहा है.